हम अपने जीवन में देख सकते है कि किसी ने बड़ा पद प्राप्त किया हो,या क़िस्मत से कोई धनाढ़्य व्यक्ति बन गया हो,या कोई बल से शक्तिशाली बन गया हो आदि – आदि ऐसे व्यक्ति जीवन में महान नहीं बन सकते है ।
नारियल और खजूर के पेड़ बहुत बड़े होते हैं,पर वो किसी पथिक को छाया प्रदान नहीं करते वो केवल ऊँचाई में बड़े हैं पर धूप में किसी को छाँव नहीं देते है ठीक इसी तरह किसी अमीर की चौखट से भिखारी ख़ाली हाथ लौटे वो कभी बड़ा इंसान नहीं होता और आंतकवादी बहुत बलशाली होते हैं पर उनको कोई अच्छी नज़रों से नहीं देखता है ।
अतः इस दुनियाँ में बड़ा वो है जिसके हृदय में करुणा हो जैसे मदर टेरेसा,बड़ा वो है जिसके दिल और मन में विनम्रत हो, जैसे राम और युधिष्ठिर और बड़ा वो है जो किसी भी इंसान की मुसीबत में आशा की किरण बनता हो, जैसे कोरोना काल में कितनों ने सहयोग करके दिखाया आदि – आदि ।
अतः अपने जीवन के विकास में बड़ा इंसान वो ही है जिसके अंदर करुणा हो, विनम्रता हो और किसी इंसान के मुसीबत में आशा की किरण हो आदि – आदि ।
मानव जीवन एक संघर्ष की गाथा है, संघर्ष करते मनुष्य के सामने अनेक संकट आते है और उनमें सफलता भी मिलती है, जो लोग डर कर संघर्ष करना छोड़ देते है, तब संकट अधिक गहरा जाते है, और उन पर विजय पाना कठिन हो जाता है, अतः संकटों से घबराने की जरूरत नहीं, उनसे निपटने का विचार दृढ़ संकल्पित करना चाहिए।
वह अपने जीवन में कठिन काम को पूरा कर लेने वाला ही बड़ा बहादुर होता है । मानव जीवन में आसान काम को पूरा कर लेने वाले तो दुनियां में अधिकतर लोग होते है , वह जो अपने जीवन में आंधी तूफान व बरसात आदि की थपेड़ों से भी नहीं घबराता है, वही तो इस संसार में महान तथा हिम्मतवान कहलाता है ।
हमें अपने जीवन की परीक्षा में पास होते रहकर मुश्किल को आसान बनाना है, वह सशक्त जीवन का निर्माण करना है ।
अतः तभी तो कहा है कि जीवन के संग्राम में सही सोच व सकारात्मकता आदि से ही सफलता पाना जिसका लक्ष्य हो , राहों में सुगन्धित फूल बिछे हो या कांटे हो , हर मुश्किल आसान और अगर इरादे पक्के हो वह लक्ष्य पर जिसने अपने आत्मविश्वास के निशाने साधे हो वही सभी तरह की परीक्षा में पास होता है ।यही हमारे लिए काम्य है।
प्रदीप छाजेड़
( बोरावड़)
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