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Thursday, January 28, 2021

‘Dadi Ki Rasoi ‘ चलाने वाले Anup Khanna की प्रेरणादायक कहानी, जो जरूरतमंदों को ₹5 में लंच और ₹10 में कपड़े देते हैं

आज के दौर में महंगाई इतना ज्यादा बढ़ गई है कि लोग मुश्किल से अपना गुजारा कर पा रहे हैं। आज चाय भी 7 रुपए की मिलती है।

लेकिन आज हम एक ऐसे शख्स के बात करेंगे जो खुद अपने अकेले के दम पर जरूरतमंद लोगों को ₹5 में देसी घी का लंच करवा रहा है और ₹10 में उन्हें कपड़े उपलब्ध करवा रहा है।

जी हां हम आज एक ऐसे शख्स की बात करेंगे जो पिछले 4 साल से गरीब लोगों की मदद अपनी अकेले के दम पर कर रहे हैं, वह गरीब लोगों को ₹5 में लंच उपलब्ध करवाते हैं और ₹10 में उन्हें कपड़े उपलब्ध करवाने का काम कर रहे हैं।

हम बात कर रहे हैं नोएडा के रहने वाले Anup Khanna की, जो नोएडा में पिछले 25 साल से रह रहे हैं और एक समाजसेवी के रूप में काम कर रहे हैं। 62 वर्षीय अनूप खन्ना ने 21 अगस्त 2015 को अपनी मां के नाम से Dadi Ki Rasoi (‘दादी की रसोई’) खोली थी, जहां पर वह जरूरतमंद लोगों को मात्र ₹5 में लंच करवाया करते है।

Anup Khanna रोजाना दोपहर 12 बजे अपनी दुकान नोएडा सेक्टर 29 गंगा शॉपिंग कंपलेक्स के सामने दो टेबल पर खाना रखकर लगाते हैं और वह हर दिन 500 लोगों को खाना खिलाते हैं।

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वह यह नेक काम पिछले 4 साल से करते आ रहे हैं। वह लोगों को खाना खिलाने के अलावा मात्र ₹10 में उन्हें कपड़े उपलब्ध करवा रहे हैं।

अनूप खन्ना के इस नेक काम के चलते वह लोगों के बीच तेजी से अपनी पहचान बना रहे हैं और उनके समाज उपयोगी कामों के बदौलत आज उन्हें किसी पहचान की जरूरत नही है।

हमारे देश के लगभग सभी बड़े अखबारों, चैनलों और बड़े-बड़े यूट्यूबर ने अनूप खन्ना को लेकर वीडियो बनाए हैं।

इस समाज सेवी काम के लिए अनूप खन्ना से जब बात की गई तब उन्होंने बताया कि उनका झुकाव शुरू से ही समाज के लिए काम करने में रहा है और जहां जितना हो सकता था वह लोगों की मदद करने के लिए हमेशा तैयार रहते थे और आज भी तैयार रहते हैं।

उनका मानना है कि सभी लोगों को अपने हिस्से का योगदान समाज को बेहतर बनाने और समाज के उत्थान में देना चाहिए।

Anup Khanna मूल रूप से मुरादाबाद के निवासी हैं। वह बिहार में बाढ़, केदारनाथ में बाढ़ पीड़ितो की भी मदद कर चुके हैं। अनूप खन्ना को उनके परोपकारी कामों के लिए 4 बार राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित किया जा चुका है।

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इस बारे में वह बताते हैं कि Dadi Ki Rasoi के मॉडल को विस्तार देने के लिए उन्हें राष्ट्रपति भवन बुलाया गया था, जहां पर उन्होंने अपने मॉडल के बारे में विस्तृत से बताया।

वह बताते हैं कि उन्हें खुशी होती है कि आज देश में 400 से अधिक जगहों पर अलग-अलग लोग गरीबों को खाना खिलाने का नेक काम कर रहे हैं।

Anup Khanna लोगों को न सिर्फ खाना खिलाते हैं बल्कि उन्हें कपड़े भी देते हैं। यह कपड़े पुराने होते हैं और कोई भी व्यक्ति उन्हें देकर चला जाता है और वे उन्हें मात्र ₹10 में जरूरतमंद लोगों को उपलब्ध करवाते हैं।

कोई भी ₹10 लेकर आए और अपनी मनचाहा पसंद का कपड़ा लेकर जा सकता है। यहां पर शेरवानी और कोट भी आसानी से मिल जाती है, लेकिन शेरवानी और कोट को ड्राई क्लीन करवा कर वापस जमा करना पड़ता है।

Anup Khanna खन्ना प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को सस्ती दवाइयां भी उपलब्ध करवाने का काम कर रहे हैं।

बता दे कि 8 सितंबर 2020 को जिस मां के नाम से अनूप खन्ना ‘Dadi Ki Rasoi‘ चला रहे हैं उनका निधन हो गया है।

Anup Khanna अपनी मां को याद करते हुए कहते हैं कि मेरी मां ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है और आज उन्ही के आशीर्वाद के बदौलत वह यहां पर हैं और उम्मीद करते हैं आगे की जिंदगी में भी उनका आशीर्वाद बना रहेगा।

Anup Khanna को एक बेटा और एक बेटी है। उनका बेटा हांगकांग में सेटल हो गया है और बेटी बड़े मीडिया हाउस में एक अच्छे पद पर काम कर रही है।

अनूप खन्ना सफलता के बारे में एक सीख देते हैं। वह कहते हैं कि इंसान को जीवन में सफलता चाहिए तो उसे अनुशासन और सेविंग का ज्ञान होना जरूरी है। दादी की रसोई यूएसपी के तहत सारा काम अनुशासन से होता है।

यहां पर वह लोगो को सिर्फ खाना नही खिलाते बल्कि नागरिकों को अनुशासन का एहसास भी करवाते हैं। Anup Khanna बताते हैं कि जब वह खाना खिलाते हैं तब वहां पर लोग एक लाइन में पार्किंग करते हैं, कोई भी अपने मन से उल्टी-सीधी गाड़ी पार्क नही कर सकता है।

यह सभी छोटी छोटी बातें जीवन का एक हिस्सा होनी चाहिए। जीवन में अनुशासन होना जरूरी है।Anup Khanna कहते हैं डिग्री और एजुकेशन में फर्क होता है पहले लोगों को एजुकेशन मिलती थी, लेकिन आज लोगों को सिर्फ डिग्रियां मिल रही है ।

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एजुकेशन बहुत कम देखने को मिल रहा है और यही फर्क दोनों पीढ़ियों के व्यवहार में देखा जा सकता है। Anup Khanna कहते हैं कि कोई भी काम करे, उसे पूरे मन से करें, वह कहते हैं कि अगर गाड़ी भी चलाना हो तो उसे पूरे मन से चलाओ, ताकि उसका मजा लिया जा सके।

किसी भी काम को बेमन से करने पर उसमें सफल होने के चांस कम हो जाते हैं। वहीं पूरे मन से कोई काम करने से सफलता के चांस बढ़ जाते हैं।

Anup Khanna से जब सरकार से मदद लेने की बात पूछी गई तब वह कहते हैं कि उन्हें सरकार स मदद लेना नही बल्कि सरकार को चुनौती देना पसंद है।

यही वजह है कि वह सरकार से कोई हेल्प नही लेते हैं। अनूप खन्ना बताते हैं कि सरकार से हेल्प लेने का मतलब है फोटोशूट करवाना, वह कहते हैं कि सरकार से एक बार हेल्प लेने के बाद वहां पर काम कम हो जाएगा और प्रचार ज्यादा होने लगेगा।

वह यह सब नही चाहते है। वह सरकार को चुनौती देना चाहते हैं कि वे ₹5 में लोगों को खाना दे रहे हैं तो सरकार भी लोगों को खाना उपलब्ध करवाकर दिखाएं।

बता दें कि Anup Khanna अन्ना हजारे से प्रभावित हैं और उन्होंने अन्ना आंदोलन के समय 14 दिन तक उनके साथ अनशन भी किया था और साल 2012 में नोएडा से विधानसभा चुनाव लड़ा था।

अनूप खन्ना कहते हैं कि जब तक उनके बस में होगा, वह समाज सेवा करते रहेंगे। उनका सिर्फ इतना मानना है कि उनका अपना कंसेप्ट क्लियर होना चाहिए, बाकी काम अपने आप होता चला जाएगा।

Dadi Ki Rasoi में कई लोग मदद करने की पेशकश करते हैं लेकिन वे किसी की मदद नही लेते हैं बल्कि उन्हें अपने स्तर पर इसतरह के समाज ल लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

अनूप खन्ना कहते हैं कि एक दिन वह सुबह आएगी जिस दिन देश का हर व्यक्ति दो वक्त भरपेट खाना खा सकेगा!

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