हम देखते है की लोग जिनके पास पैसा होता है उसके पास स्वयं जुड़ने को आतुर रहते है । व्यक्ति …
Author: Divya
धर्म और आधुनिकता : Dharm aur Aadhunikta
हमारा बाह्य दृष्टि तक ही चिंतन न चले ,हम अंतर्दृष्टि और बाह्य दृष्टि दोनों का सन्तुलन का जीवन जीयें तो …
आत्मसम्मान का भाव : Atmasamman ka Bhav
कहते है की जब तक जब तक जीएँ आत्मसम्मान के साथ जीएँ।क्या बिना आत्मसम्मान के जीना भी कोई सार्थक जीने …
मकर संक्रान्ति : Makar Sankranti
मकर संक्रान्ति का पर्व मंगलकारी हैं । आत्म रमण की सुखद सवारी है ।॥ध्रुव ॥ १)शान्त तरंगें बन मन की …
छोटी-छोटी बातें : Choti-Choti Baatein
बात तो है कुछ छोटी-छोटी लेकिन उन बातों का सार सागर की तरह है और उनके सामने लम्बी-चौड़ी बातें निस्सार …
