कहते है शब्दों की तुलना में उसमें निहित बात की भावना की क़ीमत ज्यादा है । कभी – कभी मैंने …
Author: Divya
अजीब रिवाज है दुनिया के : Ajeeb Riwaj
कोई आदमी प्रमाणिकता से अपनी मेहनत के बल पर आगे बढ़ता है तो यह चढ़ना भी किसी को अच्छा नहीं …
भगवान पार्श्वनाथ का जन्म कल्याणक दिवस : Bhagwan Parshwanath
निर्मल अविचल पल-पल विश्वप्रकाशी, कोमल चरण कमल, हर रोज नई भोर व नव ऊर्जा आनंद नव प्रभात को देने वाले …
जमाना हो गया है मिले खुद से ही : Zamana ho Gaya
आजकल कोई भी काम हो कह देते है गूगल में देख लो वहाँ सब कुछ दिखता है । इसी सोच …
अनावश्यक मिथ्याभ्रम : Anavashyak Mithyabrahma
हम अपनी सोच में इस अनावश्यक चिन्तन में घिरे रहते है कि हमारे से दूसरे की जिन्दगी अच्छी है । …
