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Hydroponics Technology से एक बैंक क्लर्क सब्जियां ऊगा कर महीने का ४० हजार कमाता है

Hydroponics Technology से एक बैंक क्लर्क सब्जियां ऊगा कर महीने का ४० हजार कमाता है

Hydroponics Technology से एक बैंक क्लर्क सब्जियां ऊगा कर महीने का ४० हजार कमाता है

हम में से ज्यादातर लोग यही समझते हैं कि बिना मिट्टी के पौधे नही उगाए जा सकते। लेकिन यह हकीकत नहीं है। Hydroponics technology एक ऐसी तकनीक है जिसमें बिना मिट्टी के सिर्फ पानी और कुछ पोषक तत्वों की सहायता से ऑर्गेनिक तरीके से फल और सब्जियों को उगाया जा सकता है।

इसमें केवल पानी, बालू और कंकड़ के बीच नियंत्रित जलवायु होती है। जिसमें बिना मिट्टी के ही Hydroponics technology से पौधे उगाए जाते हैं।

Hydroponics  शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है। हाइड्रो (Hydro) और पोनोस (ponos), हाइड्रो का मतलब होता है पानी और पोनोस का अर्थ है काम।

इस तकनीक से कम जगह और कम पानी की मदद से अच्छी खासी फसल उगाई जा सकती है। आज शहरों में काफी लोग इस तकनीक से किसानी करके साग सब्जियां उत्पादित कर रहे हैं। इस तकनीक से लोग अपने छत पर भी खेती कर पा रहे हैं।

इस तकनीक को कोई भी सीख कर या ट्रेनिंग लेकर छत पर खेती करना शुरू कर सकता है। कई सारे लोग अतिरिक्त आय के लिए नौकरी के साथ-साथ इस तरह के तकनीक का उपयोग कर के फल और सब्जियां उगा रहे हैं।

आज हम एक ऐसे शख्स के बारे में जानेंगे जो इस बैंक में क्लर्क है और किसान भी है। हम बात कर रहे हैं पंजाब के लुधियाना में रहने वाले 39 वर्षीय एक बैंक क्लर्क Ankit Gupta की, जो एक शहरी किसान भी है।

Ankit Gupta आज से लगभग 2 साल से बिना मिट्टी के अपने छत पर साग और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उनके द्वारा उगाई गई सब्जियां लुधियाना और आसपास के शहरों में बेची जा रही है।

वह अपने उपज को हाइड्रोपोनिक तकनीक से उत्पादित करते हैं। साथ ही आर्डर आने पर वह लोगों को हाइड्रोपोनिक सेटअप करने में भी मदद करते हैं। उन्होंने इसका अपना स्टार्टअप भी शुरू कर दिया है।

इस तरह हुई शुरुआत :-

Ankit Gupta ने पहले भारतीय नौसेना में काम किया था। नौसेना से रिटायरमेंट के बाद हुआ बैंक में बैंक क्लर्क के रूप में नौकरी करने लगे। उन्हें हमेशा से बागवानी का शौक था।

वह छत पर अलग अलग विधियों से सब्जियों को उत्पादित करना चाहते थे क्योंकि छत पर मिट्टी की वजह से वजन अधिक हो जाता तो वह कुछ नई विधि से बागवानी करने की योजना बना रहे थे।

इसी दौरान उन्हें यूट्यूब पर Hydroponics technology  के बारे में पता चला। लेकिन आसपास कोई ऐसा नहीं था जिससे वह इस तकनीक के बारे में जान सकते।

तब उन्होंने 6 महीने तक यूट्यूब के जरिए ही इस तकनीक के बारे में जाना और समझा। फिर उन्होंने हाइड्रोपोनिक तकनीक से खेती करना शुरू कर दिया।

उस समय आसपास में हाइड्रोपोनिक सेटअप तैयार करने वाला कोई नहीं है तो पहले उन्होंने अपने परिवार की मदद ली। इसमें थोड़ी मेहनत लगी क्योंकि उन्होंने कभी भी इस तरह की तकनीक के बारे में नहीं सुना था और थोड़ा झिझक भी थी।

लेकिन सोशल मीडिया पर अलग-अलग शहरों में इस तकनीक से खेती लोग कर रहे थे और अपना सेटअप भी लगाया था। शुरुआत में उन्होंने सिर्फ 50 पौधों वाला सेटअप लगाया और पालक की फसल के साथ शुरुआत की।

उन्हें इसमें सफलता मिली और उन्होंने अपना सेटअप बढ़ाना शुरू किया। आज उनके सेटअप में 2000 से भी अधिक पौधे हैं। जो डीप फ्लोर तकनीक से उगाए जाते हैं।

उनके पास 50 ग्रुप भी है। जिसमें कोकोपीट पर लाइट जैसे पोषक तत्वों का इस्तेमाल करके सब्जियों का उत्पादन होता है। वह पालक, जैसे हरी पत्तेदार सब्जियों के अलावा टमाटर, लाल मिर्च, खीरा आदि ऊगाते हैं। इस पूरे सेटअप की लागत लगभग 1.5 लाख रही।

अतिरिक्त आय का साधन बना :-

Ankit Gupta बताते हैं कि शुरुआत में उन्होंने इसकी शुरुआत अपने परिवार के लिए की थी। लॉकडाउन के दौरान उनके जानने वाले सब्जियों की मांग करने लगे तब उन्होंने कुछ लोगों को सब्जियां पहुंचाई। धीरे-धीरे मांग बढ़ने लगी।

तब उन्होंने इसका स्टार्टअप शुरू कर दिया। आज वह सेवनसीज Hydroponics technology सिस्टम के जरिए लगभग 70 ग्राहकों को नियमित रूप से सब्जियां पहुंचाते हैं।

लोगों ने व्हाट्सएप पर, कॉल पर आर्डर कर देते हैं और वह उनकी जरूरत के हिसाब से सब्जियां पहुंचा देते हैं। पहले वह खुद की जरूरत के हिसाब से सब्जियां उगाते थे। लेकिन अब ग्राहकों की मांग को ध्यान में रखते हुए वह फल और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं।

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धीरे-धीरे उनके ग्राहक पढ़ रहे हैं क्योंकि आज के दौर में हर कोई स्वस्थ रहना चाहता है और अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग हो गया है। लोग केमिकल से मुक्त पोषण से भरपूर साग सब्जियों का सेवन करना चाहते हैं।

ग्राहकों को जैविक तरीके से उत्पादित की गई स्वच्छ और स्वस्थ व सब्जियां मिल रही। इसके अलावा अंकित कोकोपीट ग्रुप बैग हाइड्रोपोनिक सेट करने के लिए जरूरी चीजों की बिक्री भी करने लगे हैं।

वह बताते हैं कि जैसे जैसे लोगों को इस तकनीक के बारे में जानकारी हो रही है, लोग इसे सीखना चाहे रहे हैं और सेटअप लगाना चाहते हैं। अब इस स्टार्टअप से उन्हें हर महीने लगभग 40,000 की अतिरिक्त कमाई हो रही है।

Ankit Gupta कहते हैं उन्होंने कभी नही सोचा था कि उनकी यह कोशिश कभी बिजनेस में बदल जाएगी। अब वह और उनके परिवार वाले अपने इस स्टार्टअप को आगे ले जाना चाहते हैं।

वह लोगों को Hydroponics technology की ट्रेनिंग देने की योजना बना रहे हैं। जो लोग इस तकनीक के बारे में दिलचस्पी रखना चाहते हैं और हाइड्रोपोनिक्स तकलीफ अपनाना चाहते हैं वह अंकित से संपर्क कर सकते हैं। Ankit Gupta की ईमेल आईडी है – sevenseashydroponics@gmail.com