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India's youngest entrepreneur Tilak Mehta ki kahani

आइए जानते हैं 15 साल के बच्चे तिलक मेहता के बारे में जिसने खड़ी की है खुद की 100 करोड़ की कंपनी

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आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताएंगे जिसकी उम्र तो भले छोटी है परंतु कारनामे काफी बड़े हैं जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि आज हम आपको जिसके बारे में बता रहे हैं उनकी उम्र मात्र 15 वर्ष है जिसने छोटी सी उम्र में बेरोजगारों का मसीहा बन कर दिखाया है उन्होंने 100 करोड़ की खुद की कंपनी शुरू की है ।

कहां जाता है कि जिंदगी में सफलता हासिल करने की कोई उम्र नहीं होती है अर्थात इस कथन को सत्य करके दिखाया है दिल्ली के रहने वाले 15 वर्ष के तिलक मेहता ने ।

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जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि तिलक मेहता ने मात्र 15 वर्ष की उम्र में 100 करोड़ की कंपनी खड़ी कर दी है , जिस उम्र में बच्चे खेल कूद और मस्ती करते हैं उसी उम्र में तिलक मेहता ने 100 करोड़ की बड़ी कंपनी खड़ी करके 200 से अधिक लोगों को रोजगार दिया है ।

पापा की थकान को देखकर मिला बिजनेस का आईडिया

तिलक मेहता बताते हैं कि उन्हें बिजनेस शुरू करने का आईडिया अपने पिता की थकान से आया था क्योंकि जब उनके पिता काम से वापस लौटते तो काफी थक जाते और वह अपने पिता को कुछ भी लाने के लिए नहीं बोल पाते थे ।

कभी-कभी तो तिलक मेहता अपनी पढ़ाई से जुड़ी हुई सामान किताब और कलम लाने के लिए भी अपने पिता को नहीं बोल पाते थे , केवल इतना ही नहीं तिलक अपने पिता से कभी भी बहुत जाने की बात भी नहीं कह पाते थे , तिलक मेहता ने सोचा कि इस समस्या से हर रोज कई बच्चे गुजरते होंगे जो अपने पिता के लेट ऑफिस से लौटने के बाद थकान के कारण उन्हें कुछ नहीं बोल पाते होंगे ।

बस इस दौरान ही तिलक मेहता को अपने बिजनेस का आईडिया मिल गया था , इस दौरान तिलक मेहता ने कोरियर सर्विस की शुरूआत की और उनके पिता ने भी उनका पूरा साथ दिया इस दौरान तिलक मेहता की मुलाकात एक दिन बैंक अधिकारी घनश्याम पारेख से हुई , इसके बाद घनश्याम ने तिलक के बिजनेस आइडिया को सुनकर अपनी नौकरी छोड़ दी और तिलक के साथ नौकरी करना शुरू कर दिया ।

15 वर्ष के तिलक मेहता ने खड़ी की 100 करोड़ की कंपनी और दे रहे हैं 200 लोगों को रोजगार

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि तिलक मेहता ने अपनी कंपनी का नाम पेपर एंड पार्सेल्स       ( Papers N Parcels ) रखा है और घनश्याम पारेख को इसका सीईओ बनाया है ।

शुरुआत में तिलक की कंपनी ने छोटे स्टेशनरी और बुटीक शॉप वाले ऑर्डर लिए थे , इसके बाद मुंबई की डिब्बे वालों की मदद से सामान की डिलीवरी शुरू की इस प्रकार छोटे-छोटे काम करके ही उनका कारोबार बढ़ते गया । आज उन्होंने 100 करोड़ की डिलीवरी कंपनी शुरू कर ली है और इसमें करीब 200 लोग कार्य करते हैं ।

तिलक मेहता का कहना है कि भले ही मेरी उम्र 15 वर्ष है परंतु जिंदगी में बीते गए अनुभव के कारण मुझे बड़ी सीख मिली और मैंने इस कार्य को करने की शुरुआत की और आज घनश्याम पूरे के साथ मिलकर व 100 करोड़ की कंपनी चला रहे हैं और कई बेरोजगारों को नौकरी भी दे रहे हैं ।

15 वर्ष के तिलक मेहता द्वारा किया गया यह कार्य काबिले तारीफ है , इसके साथ ही साथ तिलक मेहता देश के कई बच्चों को अपने बल पर खड़ा होने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।

 

लेखिका : अमरजीत कौर

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