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एनआरआई चायवाला जगदीश कुमार

एनआरआई चायवाला जगदीश कुमार

Tea Business से 8 महीनों में 1.2 करोड़ का मुनाफा कमाया

चाय भारत में सबसे ज्यादा पिया जाने वाला Drinkable item है। बहुत सारे लोग अपने दिन की शुरुआत चाय से करना पसंद करते हैं। भारत में होने वाली चाय की पहचान पूरे विश्व में है। भारत के ही कुछ Startups चाय को नया रंग और फ्लेवर देकर लोगों के सामने पेश कर रहे हैं जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं।

कुछ ऐसा ही किया एक शख्स ने औरमहज 8 महीनों में ही चाय के बिजनेस से 1.2 करोड़ का मुनाफा कमाया। उन्होंने चाय के कई नए फ्लेवर को लोगों के सामने पेश किया है।

यह कहानी है Jagdish Kumar की जो चाय का बिजनेस करते हैं। जगदीश पहले न्यूजीलैंड मे बिजनेस करते थे और उनके पास ग्रीन कार्ड भी था फिर उनके मन मे था कि अपने देश में रहकर कुछ किया जाए और वह अपने देश वापस आ गये। न्यूजीलैंड से वापस आने के बाद शुरू में  वह अपने चाय के साथ कुछ Corporate office से जुड़ने का प्रयास किये लेकिन उन्हें सफलता नही मिली।

जगदीश बताते हैं शुरू में जब हुए अपनी चाय के साथ कारपोरेट ऑफिस में एंट्री करने की कोशिश करें तब उन्हे सफलता नही मिली। इसके बाद वह चाय बनाने के जरूरी सामान के साथ ऑफिस के बाहर ही चाय की दुकान लगा लिए। उनके चाय को लोग खूब पसंद करने लगे और कुछ ही दिन में उन्होंने अपनी दुकान का एक बैनर लगा दिया जिसका नाम था “NRI Chaiwala”

लोगों के मन मे इस नाम को लेकर भी काफी कौतूहल रहा। लोगों की दिलचस्पी एनआरआई चायवाला और जगदीश दोनो मे बनने लगी। इस दौरान कुछ लोगों ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी किया।

जगदीश ने करीब 15 साल तक न्यूजीलैंड मे रहकर काम किया है। उसके बाद वह भारत आ गए। भारत में चाय के बाजार में अभी भी कड़ी प्रतिस्पर्धा का माहौल नही है। देश के बाजार में चाय पारंपरिक ढंग से ही बनाकर बेची जा रही है। ऐसे मे इस क्षेत्र मे आगे बढ़ने के काफी मौके हैं।

जगदीस चाय के साथ तरह-तरह के इनोवेशन करते हैं। एनआरआई चायवाला अपने अनूठे फ्लेवर की चाय के लिए वजह से ही यह नाम रखा। एनआरआई चाय वाला बैनर के तहत उन्होंने चाय के कई फ्लेवर को विभिन्न अनूठे नाम से जैसे – मम्मी के हाथों वाली चाय, प्यार मुहब्बत वाली चाय, उधार वाली चाय जैसे नाम दिए है।

जगदीश चाय की इन सभी वैरायटी में कुछ विशेष तरह का मसाला डालते हैं जिसे वे अपना ‘सीक्रेट’ कहते हैं। जगदीश इस बारे में बताते हैं कि वह अभी चाय पर Research कर रहे हैं और जल्दी कुछ नए फ्लेवर को लेकर आएंगे जिसमें बच्चों और बड़ो को स्वास्थ्य रखने वाले Natural elements का भी इस्तेमाल किया जाएगा।

जगदीश का कहना है कि चाय Immunity boosters भी है जिसमें मुलेठी, अदरक, हल्दी जैसे चीजों का इस्तेमाल किया जाता है। जगदीश बताते हैं कि शुरू में उनके सामने कई मुश्किलें आई क्योंकि वह एक निम्न मध्यमवर्गीय संबंध रखते हैं जहां पर कभी भी पहले व्यापार नहींल किया गया था।

शुरुआत में उन्हे अपने फैसले खुद लेने पड़े, कोई गाइड करने वाला नही था। जगदीश बताते हैं कि Hotel Management का कोर्स करने के बाद शुरुआत मे ही उन्हे अच्छी सैलरी पर पीवीआर भी नौकरी मिल गई थी लेकिन वो पीवीआर की नोकरी के बजाय अपने घर से मात्र 5 किलोमीटर की दूरी पर 3400 की दूसरी नौकरी कर ली थी क्योकि यहाँ उन्हे काफी कुछ सीखने को मिल रहा था।

मिडिल ईस्ट और न्यूजीलैंड मे व्यापार करने के बाद जगदीस का अपने देश में कुछ करने का इरादा था और वह भारत लौट आये और यहाँ चाय का बिजनेस शुरू किया। जगदीश ने अपने चाय के दम पर ही महज 8 महीनों के अंदर है 1.2 करोड़ का मुनाफा कमाया।

जगदीश का कहना है कि भले ही यह कोरोना वायरस महामारी के दौर है लेकिन यह समय कोई भी स्टार्टअप शुरू करने का सबसे बढ़िया समय है। वह दुनिया को चाय के ज्यादा से ज्यादा फ्लेवर से रूबरू करवाना चाहते हैं और आने वाले समय में पूरे भारत भर में अपना कैफे खोलने का सपना देखते हैं। जल्द ही जगदीश अपना टी लीफ भारत और वैश्विक बाजार के लिए लांच करना चाहते हैं।