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Ganesh free coaching classes

रिटायर एयर फोर्स कर्मी दे रहे हैं, सरकारी नौकरी के लिए जरूरतमंद छात्रों को मुफ्त में कोचिंग

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आज हम बात करने जा रहे हैं 54 वर्षीय रिटायर एयरफोर्स कर्मी गणेश की, भारतीय वायु सेना में अपनी नौकरी के दौरान गणेश ने अनगिनत फाइटर प्लेन को टेक ऑफ और लैंड किया है।

उस वक्त जन्मे एक सपने को आज गणेश अन्य युवाओं के माध्यम से पूर्ण कर रहे हैं, गणेश युवाओं को सैन्य सेवा के लिए निशुल्क कोचिंग देते हैं इसके साथ ही साथ उन्हें सैन्य सेवा की ट्रेनिंग भी निशुल्क उपलब्ध करवाते हैं।

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गणेश कोयंबटूर के रहने वाले हैं और गणेश वर्ष 2006 में नागपुर एयर फोर्स स्टेशन से रिटायर हुए हैं। गणेश कहते हैं कि रिटायरमेंट के दौरान खाली समय में उन्होंने कुछ करने का प्रयत्न किया।

और इस दौरान गणेश ने एक एनजीओ के साथ जुड़कर युवाओं को निशुल्क शिक्षा प्रदान करने का निश्चय किया। गणेश कहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद खाली समय बिताने से अच्छा है कि हम अपने समय का इस्तेमाल दूसरों के लिए करें।

और यही वजह थी कि जो गणेश की इस सोच ने आज कई जरूरतमंद युवाओं को निशुल्क शिक्षा देकर उन्हें अच्छे मुकाम पर पहुंचाया है। गणेश का ऐसा मानना है कि कई जरूरतमंद युवा ऐसे होते हैं जो कोचिंग ना करने की वजह से सरकारी परीक्षा में पास नहीं हो पाते हैं।

परंतु अगर जरूरतमंद युवाओं को निशुल्क कोचिंग दी जाए तो कई युवाओं की जिंदगी संवर सकती है और वे सरकारी नौकरी प्राप्त करके एक अच्छी जीवनशैली को बिता सकते हैं।

दे रहे हैं निशुल्क कोचिंग की सेवाएं

गणेश बताते हैं कि जब मैं  एयर फोर्स में काम करते थे तो अपनी सेवा के दौरान  वंचित समूह से आने वाले युवाओं को बिना किसी शुल्क कैरियर मार्गदर्शन देते थे।

हालांकि आगे चलकर गणेश ने अपने इस कर्तव्य को सामाजिक कर्तव्य समझ कर समाज के लिए पालन करने का प्रयास किया।

गणेश अब कई संस्थाओं से जुड़े हुए हैं जिनमें से कुछ संस्थाएं बारालीकाडु , फेडरेशन फॉर द ब्लाईंड है जहां वे कई युवाओं को निशुल्क शिक्षा प्राप्त करते ही हैं इसके साथ ही साथ आदिवासी समाज के युवाओं को भी यह निशुल्क शिक्षा देते हैं।

गणेश बताते हैं कि जब करोना महामारी के कई युवाओं की नौकरी जा चुकी थी इसके साथ ही साथ स्कूल कॉलेज सभी को बंद कर दिया जा रहा था और सरकारी नौकरी के लिए आवेदन भी काफी कम आने लगे थे।

परंतु गणेश बताते हैं कि युवाओं के लिए सबसे अधिक समस्या यह हो रही थी कि ना स्कूल ना कॉलेज और ना ही कोई कोचिंग सेंटर जो उन्हें मार्गदर्शन दे सके।

गणेश कहता है कि करोना महामारी के दौरान लॉकडाउन की स्थितियां बनने के बाद इसका असर इनके द्वारा चलाए जाने वाले निशुल्क कोचिंग सेंटर पर भी सबसे अधिक पड़ रहा था।

यही कारण था कि उन्होंने अपनी कोचिंग क्लासेस को ऑनलाइन मोड पर कर लिया निशुल्क कई युवाओं को शिक्षा दे रहे थे।

इस दौरान गणेश बताते हैं कि ऑनलाइन मोड पर क्लासेस शुरु तो कर दी परंतु उस समय केवल 30 स्टूडेंट ही ऑनलाइन मोड पर क्लासेस के लिए जुड़े थे।

गणेश का मानना है कि लॉकडाउन के समय में जितनी अधिक पीड़ा काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों को उठानी पड़ी है उतनी ही पीड़ा स्कूल कॉलेज और सरकारी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को भी उठानी पड़ी।

निशुल्क करवाते हैं सिविल सेवा की तैयारी

गणेश बताते हैं कि आज भी अपने दिन की शुरुआत अखबार को पढ़ते हुए करते हैं जहां वे सबसे अधिक संपादकीय और प्रश्नों पर अपना ध्यान लगाते हैं।

गणेश कहते हैं कि अखबार एक ऐसा माध्यम है जहां हमें कई प्रश्नों का हल और कई नए अलग-अलग प्रश्न आसानी से प्राप्त हो जाते हैं इसलिए वे अपने सभी छात्रों को अखबार पढ़ने की सलाह देते हैं।

गणेश बताते हैं कि मेरे द्वारा तैयार किया गया एक व्हाट्सएप ग्रुप है जहां 800 से अधिक छात्र जुड़े हुए हैं वहां छात्र मुझसे कई प्रश्न करते हैं जिनका उत्तर में उन्हें देता हूं और इसके साथ ही साथ मैं उन्हें महत्वपूर्ण प्रश्न भी साझा करता हूं।

गणेश कहते हैं कि केवल एयर फोर्स की तैयारी करने वाले छात्र ही उनके साथ जुड़े नहीं है बल्कि सिविल, सेवा बैंकिंग ,राज्य की सेवाएं की तैयारी करने वाले छात्र भी उनके साथ जुड़कर उनकी निशुल्क शिक्षा को प्राप्त कर रहे हैं।

गणेश बताते हैं कि वह अपने छात्रों के लिए एनटीपीसी और कर्मचारी चयन आयोग के उम्मीदवारों के लिए सभी विषयों को संभालते हैं और उन्हें सभी विषयों की तैयारी कर आते हैं।

इसके साथ ही साथ गणेश कहते हैं कि यूपीपीएससी की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए वह भारत और भूगोल की कक्षाओं को निशुल्क संचालित करते हैं।

छात्रों को उनके द्वारा पढ़ाया गया कांसेप्ट जल्दी समझ आ जाए इसके लिए वे विज़ुअलाइज़ेशन की नई तकनीकों का प्रयोग करते हैं, गणेश की कोचिंग से शिक्षा ले रहे छात्रों के अनुसार, गणेश का समझाने का तरीका अन्य कोचिंग संस्थाओं से काफी अलग है।

छात्र बताते हैं कि उन्हें अगर किसी भी कांसेप्ट में दिक्कत आती है तो उन्हें बिना किसी झिझक के दुबारा बताया जाता है।

गणेश इस उड़ान से काफी खुश हैं

शुरुआत में तो गणेश ने केवल सरकारी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं को ही कोचिंग देना शुरू किया था परंतु आज वह अपने दायरे को बढ़ाते हुए 7 और 8 के कक्षा के छात्रों को भी काउंसलिंग क्लास देते हैं।

गणेश कहते हैं कि अगर शुरुआत से ही बच्चों को यह शिक्षा दी जाएगी उन्हें आगे चलकर किस सरकारी नौकरी का चयन करना है और किस ग्रुप को सेलेक्ट करके आगे बढ़ना है। तो यह उनके भविष्य के लिए काफी आसान होगा।

और गणेश अपनी काउंसलिंग क्लास में सात से आठ कक्षा के बच्चों को उनके भविष्य मैं काम आने वाली सभी जरूरी जानकारियों को प्राप्त कर आते हैं।

गणेश कहते हैं कि एयरपोर्ट से शुरू हुआ उनका 26 साल पुराना शिक्षण करियर को देखते हुए आज वह काफी गर्व महसूस करते हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि गणेश अपने प्रतिशिक्षण के तहत 15 सौ से अधिक उम्मीदवार सरकारी परीक्षा की तैयारी के लिए उनके साथ जुड़ चुके हैं।

आज गणेश जिस प्रकार से जरूरतमंद युवाओं को उनका भविष्य संवारने के लिए निशुल्क कोचिंग प्रदान कर रहे हैं यह काफी प्रेरणादायक कार्य है और गणेश अपने इस कार्य से काफी खुश हैं।

लेखिका : अमरजीत कौर

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