नवम्बर 28, 2022

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छोटे से कस्बे से निकलकर इस तरह अंकिता चौधरी बनी IAS, जाने सफलता के टिप्स

छोटे से कस्बे से निकलकर इस तरह अंकिता चौधरी बनी IAS, जाने सफलता के टिप्स

छोटे से कस्बे से निकलकर इस तरह अंकिता चौधरी बनी IAS, जाने सफलता के टिप्स

IAS Success Story:-

आज लाखों की संख्या में युवा आईएएस (IAS) बनने का सपना देखते हैं। लेकिन मुश्किल से प्रतिवर्ष हजार कैंडीडेट्स का सपना ही पूरा हो पाता है।

जिसमें से कुछ ही कैंडिडेट स्कोर आईएएस के लिए चुना जाता है। यूपीएससी (UPSC) की तैयारी को देश की सबसे कठिन उत्तम परीक्षा में से माना जाता है।

यूपीएससी तैयारी करते वक्त छोटी-छोटी गलतियां भी आपको सफलता से वंचित कर सकती हैं। ऐसे में छोटी-छोटी गलतियों को सुधार कर आप सफलता की सीढ़ियों पर चढ़ सकते हैं।

आज हम एक ऐसे लड़की की सफलता की कहानी जानेंगे जो एक छोटे से कस्बे से निकलकर आईएएस का सफर पूरा की।

जी हां हम बात कर रहे हैं छोटे से कस्बे से निकलकर आईएएस बनने वाली अंकिता चौधरी की। अंकिता चौधरी ने साल 2018 की यूपीएससी परीक्षा पास करके आईएएस बनने का अपना सपना पूरा किया है।

अंकिता चौधरी के अनुसार उनकी सफलता का मूलमंत्र यही है कि छोटी-छोटी गलतियों को सुधारा जाए। बता दें कि अंकिता मूल रूप से हरियाणा की रहने वाली हैं और वह हरियाणा के एक बेहद छोटे से गाँव से निकलकर यूपीएससी का अपना सफर पूरा की है।

उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में असफलता का सामना भी किया है। लेकिन उन्होंने और सफलता से हार नहीं मानी और अपनी गलतियों को सुधारा और दूसरे प्रयास में अंकिता का आईएएस बनने का सपना पूरा हो गया।

पोस्ट ग्रेजुएशन के दौरान शुरू की तैयारी :-

अंकिता चौधरी मूल रूप से हरियाणा के रोहतक जिले की रहने वाली है। उनकी शुरुआती पढ़ाई रोहतक में ही हुई है। इंटरमीडिएट की परीक्षा को पास करने के बाद अंकिता दिल्ली से अपना ग्रेजुएशन करने का फैसला किया।

ग्रेजुएशन के दौरान ही अंकिता ने यूपीएससी में जाने का मन बना लिया था। फिर उन्होंने दिल्ली में ही पोस्ट ग्रेजुएशन में दाखिला लिया और इसी दौरान पढ़ाई के साथ साथ हुआ यूपीएससी की तैयारी भी करने लगी।

जब तक अंकिता ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन कंप्लीट नहीं किया था, तब तब उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा नहीं दी। जब अंकिता ने पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा कर लिया तब वह अपनी यूपीएससी की तैयारी सही ढंग से शुरू की और उसके बाद परीक्षा दी।

 

पहले प्रयास में मिली असफलता दूसरे प्रयास में मिली सफलता :-

अंकिता चौधरी बताती हैं कि जब वह पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी थी तब उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा था। लेकिन इस असफलता से उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला। वह अपनी कमियों का आकलन करती है और उन्हें सुधारने के साथ ही अगले प्रयास की तैयारी शुरू कर देती है।

अंकिता चौधरी का मानना है कि हर यूपीएससी की तैयारी करने वाला स्टूडेंट अपनी कमियों को सुधार कर अपनी तैयारी को बेहतर कर सकता है।

अंकिता ने भी अपनी कमियों को सुधारा और दूसरे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाई। अंकिता को उनके दूसरे प्रयास में 14 वीं रैंक मिली और इस तरह से उनका आईएएस बनने का सपना पूरा हो गया।

दूसरे अभ्यार्थियों को सलाह :-

अंकिता चौधरी का मानना है कि यूपीएससी की तैयारी में आपका बैकग्राउंड मायने नहीं रखता है। आप किसी भी बैकग्राउंड से हो आप यूपीएससी की तैयारी सही रणनीति के साथ कर सकते हैं।

अगर आप सही रणनीति के साथ सही दिशा में मेहनत करते हैं तो आपको सफलता जरूर मिलेगी। अंकिता आगे यह भी कहती हैं कि आपको यूपीएससी में अगर असफलता मिलती है तो इससे कभी भी घबराने की जरूरत नहीं है।

बल्कि इससे सीखना चाहिए। जिससे अगले प्रयास को बेहतर किया जा सके। यूपीएससी की तैयारी करते समय लंबे समय तक के लिए सही रणनीति बनाकर मेहनत करना चाहिए जिससे आप अपना यूपीएससी का सपना पूरा कर सकें।

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