September 20, 2021

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कभी घर पर जाकर बेचते थे सामान, इस तरह खड़ा कर लिया करोडो का व्यापार

कभी घर पर जाकर बेचते थे सामान, इस तरह खड़ा कर लिया करोडो का व्यापार

कभी घर पर जाकर बेचते थे सामान, इस तरह खड़ा कर लिया करोडो का व्यापार

दुनिया में कई तरह के उत्पाद खरीदे और बेचे जाते हैं। जब कोई उपभोक्ता किसी वस्तु या सेवा को खरीदता है तो उसे उस व्यक्ति की क्रय शक्ति के रूप में परिभाषित करते हैं और उसके विक्रेता को उसकी विक्रय क्षमता के रूप में जानते हैं।

आमतौर पर लोग यही मानते हैं कि अगर कोई व्यक्ति गलियों में घर-घर जाकर अपने सामान को बेच रहा है तो वह दुनिया की सबसे प्रसिद्ध और शक्तिशाली लोगों की सूची में शायद ही शामिल हो पाए।

लेकिन आज हम एक ऐसे शख्स की कहानी के बारे में जानेंगे जिसे आपकी सोच गलत हो जाएगी। दरअसल इस दुनिया में कुछ भी असंभव नहीं है।

व्यवहारिक रूप से देखा जाए तो कोई भी सीमा नहीं है बशर्ते कि व्यक्ति के पास Insigne Carpets के संस्थापक आसिफ रहमान की तरह संकल्प होना चाहिए।

आसिफ रहमान का परिचय :-

आसिफ रहमान का जन्म कोलकाता के एक सामान्य परिवार में हुआ था। उनके पिता एक जूट मिल में मजदूर के रूप में काम करते थे और अरबी भाषा में कुशल थे।

आसिफ की मां एक ग्रहणी थी जिन्हें संस्कृत का ज्ञान था। आसिफ ने अपनी मां से संस्कृत और पिता से अरबी सीखा।

आशीष ने 1988 में कोलकाता विश्वविद्यालय से अपने स्नातक तक की पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तलाश करने लगे। क्योंकि उन दिनों उन्हें नौकरी की जरूरत थी।

आसिफ को उनकी पहली नौकरी उस वक्त मिली जब वह कोलकाता के पार्क स्ट्रीट पर स्थित एक कारपेट की दुकान में सजे कारपेट को देख रहे थे।

आसिफ ने जिज्ञासा को देख कर दुकानदार उन्हें अंदर बुलाता है और पूछताछ करने लगता है। इसके बाद दुकानदारों ने डोर टू डोर सेल्समैन की नौकरी उन्हर ऑफर कर दी। उन दिनों आसिफ नौकरी की तलाश में थे तो वह तुरंत उस नौकरी के लिए हां कर देते हैं।

सेल्समैन से खुद का बिजनेस खड़ा करने का सफर :-

आसिफ ने कालीन उद्योग से अपनी नौकरी की शुरुआत की थी। उस वक्त आरिफ को सिर्फ इतना पता था कि उन्हें लगातार मेहनत करनी होगी, तभी वह सफल हो पाएंगे।

डोर टू डोर सेल्समैन के रूप में उन्होंने बहुत अधिक मेहनत की। इस दौरान उन्हें अपमान सहित कई तरह की शारीरिक और मनोवैज्ञानिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा।

लेकिन इसके बावजूद आसिफ का सीखना जारी रखा और धीरे धीरे वह कालीन व्यवसाय के विशेषज्ञ बन गए। विशेषज्ञता के बाद ही जल्द ही उन्होंने भदोही में एक कालीन व्यवसाई के यहां बेहतर रोजगार के अवसर मिल जाता है।

यहां पर उन्होंने साल 2003 तक काम किया। इसके बाद 2003 में इसको न्यूयार्क की स्थिति कालीन कंपनी में काम करने का ऑफर मिल जाता है।

न्यू यार्क की कंपनी के साथ आसिफ ने करीब 8 साल तक नौकरी करते हैं यहां पर आसिफ को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कालीन उद्योग के बारे में समझ विकसित हुई और व्यापार में उनके संपर्क भी विकसित हो गए।

इस दौरान उनके मन में खुद का व्यापार शुरू करने का विचार आया। तब उन्होंने इंसिग्ने कॉर्पेट के बैनर तले अपने सपनों को आकार देना शुरू किया।

जल्दी आसिफ को उनका पहला आर्डर ताज महल पैलेस होटल मुंबई से मिला। इस होटल में प्रवेश लॉबी के लिए कालीन डिजाइन करने के लिए आसिफ को एक छोटा कॉन्ट्रैक्ट दिया था।

मालूम हो ताज समूह के सप्लायर के लिए बेहद कड़े मापदंड निर्धारित है। लेकिन आसिफ को यह कॉन्ट्रैक्ट उनकी विश्वसनीयता के आधार पर मिल गया थाI।

HCL अधिकारियों की सिफारिश पर आसिफ को आपूर्तिकर्ता की सूची में शामिल करने की अनुमति मिल गई थी।

आसिफ रचनात्मकता, सटीकता, बेहतर गुणवत्ता के साथ इंसिग्ने कॉर्पोरेट के बेहतरीन काले निर्माता बन गए।

आज आसिफ देश भर में कालीन कारीगरों को जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं और दुनिया भर में उनकी कंपनी में 13 डिजाइनर और 18 कार्यालय है। इस कंपनी के तहत भारत और चीन में कालीन का निर्माण होता है।

इंसिग्ने कॉर्पेट कंपनी के ग्राहकों में बड़े-बड़े फाइव स्टार होटल, हवाई अड्डे और कमर्शियल बिजनेस के लोग, दुनिया के सबसे धनी और प्रभावशाली लोगों से संबंधित संपत्तियां शामिल हैं।

इस कंपनी ने कुछ बेहतरीन प्रोजेक्ट में आबू धाबी के राजकुमार की निजी कॉरपोरेटिंग में शामिल है। इस कंपनी के ग्राहकों की सूची में गूगल, जैसी कंपनियां भी शामिल हैं जो इसकी सेवाएं ले रही है।

एक ऐसा व्यक्ति जो घर-घर जाकर प्रोडक्ट को बेचता था दिन रात मेहनत किया और परिस्थितियों से मुकाबला किया। आज वह सफलता के टॉप पर पहुंच गया है। वाकई में आसिफ की कहानी लोगों के लिए बहुत प्रेरणादायक है।

 

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