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पुलिस की नौकरी छोड़कर शुरू किया Potato Farming आज करोड़ों में हो रही सालाना कमाई

पुलिस की नौकरी छोड़कर शुरू किया Potato Farming आज करोड़ों में हो रही सालाना कमाई
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कुछ नया सीखने या फिर नया करने के लिए प्रचलित रास्तों से हटकर चुनौती पूर्ण काम कुछ ही लोग कर पाते हैं। लेकिन कुछ लोग बेहद साहसी होते हैं और चुनौती पूर्ण काम के लिए तैयार रहते हैं।

आज हम एक ऐसे शख्स की कहानी ले कर आये है जिसने अपनी उम्र और प्रतिष्ठा को भी अपने काम के आगे आड़े नही आने दिया और अब इसका सुखद परिणाम भी देखने को मिला।

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इस शख्स ने अपनी सरकारी नौकरी को छोड़ कर पारंपरिक तरीके से की जाने वाली खेती के तौर-तरीकों को बदलकर नए तरीके से खेती शुरू की और कई गुना मुनाफा कमाया।

इस तरह से वह न केवल खुद मुनाफा कमा रहे हैं बल्कि अन्य ग्रामीणों को भी एक नई राह दिखाने का काम कर रहे है।खेती किसानी के काम को लोग हल्के में लेते हैं।

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लेकिन एक Police Officer ने अपनी नौकरी छोड़ कर खेती किसानी के क्षेत्र में कामयाबी पा कर साबित कर दिया है कि जहां चाह होती है वहां रास्ते अपने आप बनने लगते हैं।

जी हाँ हम बात कर रहे हैं गुजरात के रहने वाले Parthibhai Jethabhai Chaudhary की, जिन्हें खेती-बाड़ी के प्रति लगाव ने उन्हें अपने सरकारी नौकरी को छोड़ने के लिए किया प्रेरित। आज पूरा भारत उन्हें Potato King Of Gujrat के नाम से भी जानता है ।

परिचय (Introduction ) :-

पार्थी भाई गुजरात के दांतेवाड़ा के रहने वाले है। उन्होंने गुजरात पुलिस में भी काम किया है। लेकिन आज 59 वर्षीय Parthibhai Jethabhai Chaudhary अपनी पुलिस की नौकरी छोड़ कर खेती कर रहे हैं।

खेती के प्रति उनके हम लोगों ने उन्हें पुलिस की नौकरी छोड़ कर खेती करने के लिए प्रेरित किया। 18 साल पहले उन्होंने अपनी सरकारी पुलिस की नौकरी छोड़ दी और खेती करना शुरू किया।

दरअसल जब वो पुलिस की नौकरी कर रहे थे तो उस दौरान उन्हें विदेशी कंपनी मेकैन द्वारा ट्रेनिंग करने का अवसर मिला था। यह कंपनी आलू से जुड़े उत्पाद बनाती है और आलू के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए किसानों को ट्रेनिंग भी देती है।

Parthibhai Jethabhai Chaudhary ने भी कंपनी द्वारा कराई गई ट्रेनिंग से Potato Cultivation की तकनीक को सीख लिया और इसको बारीकियां सीखने के बाद वह खुद आलू के उत्पादन के क्षेत्र में आ गए।

हालांकि उस समय उनके सामने पानी की कमी, एक बड़ी समस्या थी। तब उन्होंने इस समस्या से निजात पाने के लिए Drip Irrigation Technique को प्रयोग में लाया।

पानी की कमी का समाधान कर शुरू की खेती ( Farming Started After Addressing Water Scarcity ) :-

पार्थी भाई बताते है कि उनके क्षेत्र में पानी की कमी थी। ऐसे में  Potato Farming  करने में पानी की कमी सबसे बड़ी चुनौती बन रही थी। तब उन्होंने इसका समाधान Drip Irrigation Technique से किया।

वह बताते हैं इस विधि से खेती करने से पानी और खाद की बचत होती है। इस विधि में किसानों को पौधों की जड़ों पर बहुत कम पानी देना रहता है।

इसके लिए वोल्वो, पाइप और नालियों का निर्माण करके इसके लिये विशेष संरचना बना दी जाती है, जो पौधों की जड़ों तक ही पानी को टपका है।

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सिंचाई की इस वैज्ञानिक विधि से सिंचाई भी आसान हो जाती है और पौधों को प्रतिदिन की जरूरत के हिसाब से पानी भी मिल जाता है और ज्यादा पानी की जरूरत भी नही रहती है।

इससे फसलों के उत्पादन में बढ़ोतरी होती है। Parthibhai Jethabhai Chaudhary ने भी पानी की समस्या से निजात पाने के लिए सबसे पहले अपने खेतों में स्प्रिंकलर लगवा कर आधार मजबूत किया। इसकी मदद से वह बहुत कम पानी वाले स्थान में खेती करना सुरु किया।

87 एकड़ जमीन पर आलू की खेती ( Potato Farming On 87 Acres Of Land ) :-

आज Parthibhai Jethabhai Chaudhary सैकड़ों टन आलू का उत्पादन कर रहे हैं। शुरू में वह अपनी आलू की सप्लाई मेटल कंपनी को ही सप्लाई करते थे, पर अब अच्छी कीमत मिलने की वजह से वह Balaji Wafer जैसी बड़ी चिप्स कंपनियों को भी अपनी आलू की सप्लाई करने लगे हैं।

Parthibhai Chaudhary अपने 87 एकड़ जमीन पर आलू की खेती करते हैं। इसके लिए वे हर साल 1 से 10 अक्टूबर तक बुवाई कर देते हैं जिससे दिसंबर तक उनकी आलू की फसल तैयार होकर बाजार में आने के लिए उपलब्ध हो जाती है।

आलू की खेती
आलू की खेती

इस मौसम में उन्हें 1200 प्रति हेक्टेयर की दर से आलू की पैदावार हो रही है। वह बताते हैं कि उनके खेतों में एक आलू 2 किलो तक के होते हैं। फसल तैयार होते ही वह उन्हें अपनी Cold Store  में रख देते हैं और मांग के अनुसार सप्लाई करते रहते हैं।

तीन महीने की मशक्कत के बाद बाकी समय में ज्यादा काम नही करना पड़ता। वह अपना बाकी समय अपने परिवार और दोस्तों को देते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में उनका सारे काम की देखभाल उनका मैनेजर और स्टाफ करता है।

उन्होंने अपने फर्म पर 16 से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। वह बताते हैं कि उन्हें आलू की खेती से औसतन हर साल 3.5 करोड़ का आय होती है।

सीख ( lesson ):-

इस कहानी से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि अगर हम कुछ नया करना चाहते हैं और नया सीखने के लिए तैयार हैं और जब हमे इसमें कामयाब होने के लिए खुद पर विश्वास है तन इसमें उम्र किसी भी तरीके से बाधा नही बनती है और असाधारण शक्ति अपने आप आ जाती है।

Parthibhai Chaudhary आज कई लोगों के लिए एक मिसाल है। खास करके जो किसानी के क्षेत्र में खुद को कामयाब होना चाहते हैं। उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए अपनी अच्छी पुलिस की सरकारी नौकरी भी छोड़ दी।

यदि वह ऐसा न करते तो शायद ही आज वह इस मुकाम पर पहुंच पाते। Parthibhai की सफलता अपने सपनों को पूरा करने की उनकी जुनून की एक दास्तां है।

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