दिसम्बर 5, 2022

Motivational & Success Stories in Hindi- Best Real Life Inspirational Stories

Find the best motivational stories in hindi, inspirational story in hindi for success and more at hindifeeds.com

Trip के दौरान आये Idea से तीन दोस्तों ने मिलकर खड़ी कर दी Bike Rental Company

Trip के दौरान आये Idea से तीन दोस्तों ने मिलकर खड़ी कर दी Bike Rental Company

Trip के दौरान आये Idea से तीन दोस्तों ने मिलकर खड़ी कर दी Bike Rental Company

Adventure  के शौकीन लोग बाइक के जरिए Road Trip पर निकालना पसंद करते हैं। फिर मौसम चाहे सर्दी का हो, गर्मी का हो या बरसात का, उनके लिए मौसम उतना ज्यादा मायने नही रखता है।

एडवेंचर के शौकीन लोग अक्सर एडवेंचर रोड ट्रिप पर जाने के लिए पहाड़, जंगल या ऐसी जगह को चुनते हैं जहां पर पहुँचना सभी के बस की बात नही होती है।

ऐसे में उन्हें अपने एडवेंचर के लिए सबसे ज्यादा जरूरी चीज बाइक होती है। उन्हें सिर्फ एक बाइक की जरूरत होती है जिससे वे बिना किसी परेशानी लंबे लंबे सफर पर निकल सके।

लेकिन क्या आपने कभी सुना है कि रोड ट्रिप पर जाने के लिए मन पसंद Bike Rent पर मिलती है। जी हां हम बात करने वाले हैं तीन दोस्तों की कहानी की, जिन्होंने एक ऐसा Startup शुरू किया जहां से कोई भी बाइक रेंट पर ले सकता है और एडवेंचर ट्रिप पर निकल सकता है।

यह कहानी है दक्षिण भारत के पहले लाइसेंस बाइक रेंटल कंपनी Royal Brothers (रॉयलब्रदर्स ) की जो आज भारत के 7 राज्य में अलग-अलग टूरिस्ट प्लेस पर बाइक रॉयल एनफील्ड, स्कूटी जैसे होंडा, एक्टिवा, यमहा आदि को रेंट पर उपलब्ध करवाने का काम करते हैं। यह प्रक्रिया बेहद औपचारिक होती है और step by step की जाती है।

इस तरह हुई थी कंपनी की शुरुआत

(This is how the company started ) : –

बेंगलुरु में स्थित इस कंपनी को साल 2015 में 3 इंजीनियर दोस्तों ने मिलकर शुरू किया था। इन 3 लोगो में, दो Abhishek Chandrasekhar और Akash S 2014 के दौरान कॉलेज से पांडिचेरी घूमने के लिए निकले थे।

तब वो बेंगलुरु के आरवी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के तीसरे साल के छात्र थे। दोनों बस के जरिए पांडुचेरी पहुंचे, क्योंकि यह शहर उनके लिए काफी सुना हुआ था और उन्होंने खुद Bike Rent पर ले कर इस शहर को घूमने का प्लान बनाया।

एक बार जब Abhishek ने बाइक रेंट पर लेने के लिए ऑनलाइन रिसर्च किया तब उन्हें Just Dial  पर एक लिस्ट मिली। फिर लिस्ट में से एक नंबर पर फ़ोन लगाकर पूछा क्या यहाँ रेंट पर बाइक मिल सकती है ? तो उन्हें जवाब हाँ में मिला।

उस व्यक्ति ने कहा कि हमें पहुँचकर इनफॉर्म कीजिए। बस इतनी सी ही बात हुई थी न फिर पेमेंट, न ईमेल मैसेज, किसी भी तरह की इंफॉर्मेशन की जरूरत नही थी।

अपनी ढेरों उम्मीद के साथ दोनों लोग पांडिचेरी पहुंचे और सुबह 5 बजे प्रसिद्ध बीच लोकेशन पर उस वेंडर का इंतजार करने लगते हैं।

आकाश आगे बताते हैं कि वह वेंडर उन्हें जो बाइक देकर गया था वह बहुत अच्छी कंडीशन में नही थी और उनके पास कैश पेमेंट का कोई प्रूफ भी नही था। बस जाते वक्त उस वेंडर ने सिर्फ इतना कहा था कि अगर कही पर पुलिस रोकती है तब उसे कॉल कर ले।

आकाश और अभिषेक ने उस बाइक से अच्छी ट्रिप मनाई। लेकिन उसी ट्रिप के दौरान ही उन्हें एक Idea सूझा।

Trip से लौट कर खुद की कम्पनी शुरू की

( After Returning From  Trip Started company ) :-

Trip से लौटने के बाद दोनों दोस्तों ने अपने idea पर विचार किया और सोचा कि इस काम से वे किस तरह से अच्छा कमा सकते हैं।

फिर उन्होंने अपने विचार पर काम करना शुरू कर दिया और प्लान किया कि वह मिलकर एक ऐसी रेंटल कंपनी खोलेंगे, जहां पर लोग अपनी पसंद की बाइक चुन सकेंगे और ऑनलाइन या ऑफलाइन Payment की स्लिप भी उन्हें मिल सकेगी और यह उन्हें बुकिंग कंफर्म होते ही मिल जाएगी।

बाइक/ स्कूटी को Pick up and drop का समय भी फिक्स कर दिया गया। 2015 में उन्होंने इसकी शुरुआत की।

उस समय उनके पास कॉलेज की डिग्री थी। लेकिन वह यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित प्लेसमेंट में शामिल नही हुये और अपने Idea पर ही आगे काम करने को सोचा।

साल 2015 में ही जुलाई के महीने में उन्होंने अपने तीसरे पार्टनर Kuldeep Purohit को भी अपने Idea में शामिल कर लिया।

कुलदीप ऑटोमोबाइल में काम करना चाहते थे। फिर तीनों ने मिलकर कंपनी के लिए रजिस्ट्रेशन किया।

तीनों ने अभिषेक के एक रिश्तेदार के अपार्टमेंट में एक छोटा सा ऑफिस किराये पर लिया और अपना रिसर्च का काम शुरू किया कि कैसे commercial इस्तेमाल के लिए मोटरसाइकिल का रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है।

अभिषेक बताते हैं कि उस समय कमर्शियल नंबर प्लेट के लिए कार का रजिस्ट्रेशन आसान प्रक्रिया थी, लेकिन बाइक के लिए यह सामान्य बात नही थी।

कुछ महीनों तक तो उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को समझने के लिए बेंगलुरु के केंद्रीय आरटीओ से वह मिलने जाते रहे। लेकिन यहां से उन्हें कोई मदद नही मिल पाई।

अंत में उन्होंने कर्नाटक परिवहन के सचिव श्री रवि कुमार से मुलाकात की और अपने प्रस्ताव के बारे में बताया वह उनके प्रस्ताव से प्रभावित हुए क्योंकि उनके मॉडल में VAT TAX को भी जोड़ दिया गया था, जिससे रेवेन्यू होने की भी संभावना थी।

तब मंत्री ने RTO अधिकारियों को सूचित किया कि कैसे आगे का काम करना है और इस तरह से कंपनी के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान हो गई।

तीनों दोस्तों ने अपने परिवार और रिश्तेदारों से कुछ पैसे उधार लेकर किसी तरह 20 लाख रुपए इकट्ठे किये और 5 रॉयल एनफील्ड बाइक खरीद ली।

इस तरह उनके पास बीमा के साथ कमर्शियल रूप से रजिस्टर वाहन उपलब्ध हो गए थे। अब वह आर्डर और बुकिंग के लिए मार्केटिंग और एड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया।

थर्ड पार्टी आउट सोर्स भी उन्होंने किया। लेकिन उन्हें यह ठीक नही लगा तब उन्होंने वेब और ऐप डेवलपर्स, मार्केट एक्सपर्ट को हायर किया और अपने राज्य के साथ साथ साथ अन्य 7 राज्य में काम करने वाले अन्य 60 लोगों की एक टीम बना ली।

आज इस कंपनी के पास 2000 से भी अधिक लोगो की टीम है और सात राज्य में इनके फ्रेंचाइजी है, जिसमें केरल, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु जैसे राज्य में शामिल है।

आकाश बताते हैं कि पहले साल मुझे अपनी कंपनी से 30 लाख की कमाई हुई। वित्त वर्ष 2019-20 में उन्हें 7.5 करोड़ रुपए का रिवेन्यू मिला है।

इस तरह करें बाइक की बुकिंग ( The Booking Processore ) :-

जो लोग इस प्लेटफार्म के जरिए बाइक किराए पर लेना चाहते हैं, उन्हें Royal Brothers के वेबसाइट या एप्लीकेशन पर जाकर खुद को रजिस्ट्रेशन करना होता है और अपनी आईडी प्रूफ और ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो को अपलोड करना होता है।

इसके बाद उस शहर को चुनना होता है जहां पर वह एडवेंचर के लिए ट्रिप पर जाना चाहते हैं और उसके बाद तारीख डालनी होती है और अपने पसंद की बाइक चुननी रहती है।

इस तरीके से बाइक की बुकिंग हो जाती है। बाइक के लिए न्यूनतम 4 घंटे की बुकिंग होती है जो अधिकतम 9 महीने तक के लिए रहती है।