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Saturday, February 27, 2021

बिना कोचिंग पास की यूपीएससी परीक्षा और बने आईपीएस अधिकारी अब अन्य युवाओं को रास्ता दिखा रहे

यूपीएससी सीएसई देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन उत्तम परीक्षाओं में से एक है। कहा जाता है कि इसे पास करने के लिए कोचिंग जरूरी है। लेकिन ऐसे कई सारे युवा है जिन्होंने इस मिथक को तोड़ा है और बिना कोचिंग के ही परीक्षा में सफलता हासिल की है। ऐसे ही एक शख्स है संदीप जो आज आईपीएस हैं और समय निकालकर युवाओं को फ्री कोचिंग दे रहे हैं।

कहा जाता है कि एक आईपीएस अधिकारी का मूल कर्तव्य होता है – समाज में कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करना और लागू करना। संदीप चौधरी जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में एसएसपी के तौर पर तैनात हैं और अब वह अपने प्रयासों की बदौलत जम्मू कश्मीर के युवाओं को नई राह दिखा रहे हैं।

आईपीएस संदीप अपने दिन भर के व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर एक पहल की शुरुआत की है जिसे “ऑपरेशन ड्रीम्स” के नाम से जाना जाता है, जिसमें हर दिन ऐसे छात्रों को निशुल्क कोचिंग दी जाती है जो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं लेकिन गुणवत्तापूर्ण कोचिंग का खर्चा उठाने में वे सक्षम नही है।

संदीप बताते हैं ऑपरेशन ड्रीम के शुरुआत उन्होंने साल 2018 में की थी और उस समय वह सब इंस्पेक्टर परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को लेकर इसकी शुरुआत की थी। यह उनका छोटा सा प्रयास है जिससे वह युवाओं को नई ऊंचाई हासिल करने में मदद करना चाहते हैं।

इसकी शुरुआत उन्होंने जम्मू स्थित अपने तत्कालीन ऑफिस से ही कर दी थी और उस समय आरंभ में छात्रों की संख्या 10 थी, लेकिन अब देखते ही देखते छात्रों की संख्या बढ़कर 150 हो गई है।

छात्रों को बढ़ती संख्या के चलते कम्युनिटी हॉल में कोचिंग को स्थानांतरित कर दिया गया। संदीप की मेहनत रंग लाई और जम्मू-कश्मीर एसआई परीक्षा में उनके पढ़ाई 29 छात्रों ने सफलता हासिल की।

वही एक छात्र ने जीआरएस की परीक्षा पास करके पीएचडी कर रहा है और साथ में यूपीएससी की भी तैयारी कर रहा है। संदीप के पढ़ाई एक छात्र ने यूपीएससी के इंटरव्यू में भी हिस्सा लिया है और हाल में ही आयोजित जेकेएस परीक्षा में सफलता हासिल की है।

संदीप बताते हैं कि जब वे मात्र 16 साल के थे तभी 12 वीं की परीक्षा के सिर्फ 5 दिन पहले उनके पिता गुजर गए। इसके बाद उनकी जिंदगी आसान नही रही। इसके बाद वह हिम्मत रखे और परीक्षा पास किये।

इसके बाद वह इग्नू से डिस्टेंस लर्निंग के जरिए BA किया और MA किया और 5 साल तक एक डाकघर में क्लर्क के रूप में भी काम किए हैं। यूपीएससी परीक्षा पास करने से पहले संदीप नाबार्ड बैंक में प्रोबेशनरी ऑफिसर के तौर पर नियुक्त हुए थे। इसके बाद उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक में सहायक प्रबंधन के रूप में भी तैनाती पाई थी।

संदीप का मानना है कि किसी भी परीक्षा में सफलता के लिए सबसे जरूरी चीज है सेल्फ स्टडी। कोचिंग और ऑलरेडी मेड स्टडी मैटेरियल एक बिजनेस है, जिसकी वजह से संसाधन के अभाव में कई छात्र काफी हतोत्साहित भी हो जाते हैं।

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इसीलिए संदीप ने ऑपरेशन ड्रीम की शुरुआत की। ऑपरेशन ड्रीम युवाओं को प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता के लिए सेल्फ स्टडी आधारित दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं। वह ओपन सोर्स का सही इस्तेमाल करते है।

संदीप कहते हैं कि ऑपरेशन ड्रीम के तहत जानकारी लेने के लिए वह बुकोज और विकिपीडिया, बीबीसी आई प्लेयर एनसीईआरटी जैसे कई सारे ओपन सोर्स का इस्तेमाल करते हैं।

साल 2018 में उनका तबादला एसएसपी शोपियो के रूप में हो गया जहां उनके सामने काफी चुनौती थी लेकिन इसके बावजूद वहां भी ऑपरेशन ड्रीम की कक्षाएं थोड़े समय के लिए आयोजित करते थे। इसके बाद फरवरी 2020 में उनकी तैनाती अनंतनाग के एसएसपी के रूप में हुई जहां पर कोचिंग के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी।

लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते वह गूगल मीट के जरिए कक्षाओं का संचालन करना शुरू किए। इसके तहत राज्य के 70 से 80 छात्र ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं। ऑनलाइन माध्यम से इसकी अपनी अलग चुनौती होती है क्योंकि इसके जरिए छात्रों को प्रेरित करने के लिए मानवीय तत्वों का अभाव होता है।

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इसलिए उन्होंने ऑफलाइन क्लास आयोजित करने का फैसला लिया जिसमें आज 45 से 50 छात्र शामिल हो रहे हैं। जल्द ही वह दैनिक आधार पर कक्षाओं का आयोजन शुरू कर देंगे क्योंकि कोचिंग में छात्रों की संख्या बढ़ती जा रही है।

संदीप बताते हैं कि उनके पिता के गुजर जाने के बाद उनकी जिंदगी में कई घटनाएं हुई, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने सपनों का पीछा करना कभी नही छोड़ा। ऑपरेशन ड्रीम के तहत वह छात्रों को परिस्थितियों से लड़ने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का काम करते हैं।

संदीप बताते हैं कि उनके लिए सबसे गौरवशाली क्षण वह होता है जब एक पिज़्ज़ा डिलीवरी ब्वॉय के रूप में काम करने वाला छात्र मोइन खान ने एसआई की परीक्षा में सफलता हासिल की। उसने अपनी पूरी तैयारी ऑपरेशन ड्रीम के जरिए ही की थी और आज वह जम्मू-कश्मीर में सब इंस्पेक्टर के रूप में तैनात है।

संदीप की कहानी से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि हम अपनी जिंदगी में जो भी चुनौती और परिस्थिति का सामना करते हैं, उससे हमें जो भी अनुभव होता है हमें उसे दूसरों से भी शेयर करना चाहिए और अन्य दूसरे लोगों को भी परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

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