विश्व तम्बाकू निषेध दिवस : World No-Tobacco Day

तम्बाकू हमारे जीवन के लिए नाश का द्वार हैं । एक बार अगर इसकी लत खाने की किसी को पड़ जाती हैं तो वह बहुत ही मुश्किल से सामने वाले से छूटती हैं या हमेशा – हमेशा के लिये उसको वह जकड़ लेती हैं ।

मद्यपान में जैसे पीकर मानव अपनी सुध – बुध खों बैठता हैं ठीक इसी तरह तम्बाकू का नशा हमारी ज़िन्दगी को बर्बाद कर देता है । यह ऐसी चाबी घुमाता हैं जिससे खाने वाले को इस नशे की भरपूर क़ीमत चुकानी पड़ती हैं।

इसके सेवन से शरीर तो खराब होता है साथ ही मन और पैसा आदि का विनाश हो जाता है। इसलिए मादक तथा नशीले पदार्थो -जैसे तम्बाकू आदि का हममें से किसी को सेवन नहीं करना चाहिये ।

तम्बाकू सेवन से कई चीजों का नाश होता है- तन, मन ,धन , खाने वाला स्वयं और परिवार आदि – आदि । तम्बाकू के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की बीमारियां हो रही हैं, जैसे, कैंसर रोग, हृदय रोग, लीवर की बीमारी, क्रोनिक रोग इत्यादि।

तम्बाकू में मौजूद निकोटीन अत्यधिक नशे की लत है और तम्बाकू का उपयोग हृदय और श्वसन रोगों, 20 से अधिक विभिन्न प्रकार या कैंसर के उपप्रकार और कई अन्य दुर्बल स्वास्थ्य स्थितियों के लिए एक प्रमुख जोखिम कारक है। हर साल लाखों – लाखों लोग तम्बाकू के सेवन से मृत्यु का वरण कर लेते हैं।

तम्बाकू से संबंधित अधिकांश मौतें निम्न और मध्यम आय वाले आदि में होती हैं जो अक्सर तम्बाकू उद्योग के गहन हस्तक्षेप और विपणन का लक्ष्य होते हैं। निकोटीन एक ऐसा पदार्थ है जो बेहद नशीला होता है और तम्बाकू के पौधों में पाया जाता है। तम्बाकू के उत्पाद, तम्बाकू के पौधे की पत्तियों को संसाधित करके बनाये जाते हैं।

तम्बाकू के सेवन से स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की बीमारियां हो रही हैं, जैसे – कैंसर रोग, हृदय रोग, लीवर की बीमारी, क्रोनिक रोग इत्यादि। निकोटीन एक ऐसा पदार्थ है जो बेहद नशीला होता है और वह तम्बाकू के पौधों में पाया जाता है।

तम्बाकू के उत्पाद, तम्बाकू के पौधे की पत्तियों को संसाधित करके बनाये जाते हैं। तम्बाकू खाने से कई नुकसान होते हैं जैसे – तम्बाकू खाने से फेफड़ों को नुकसान होता है, जो धीमी मौत का कारण बन सकता है।

तम्बाकू खाने से आपको श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं जैसे कि दमा और अस्थमा आदि।तम्बाकू खाने से आपके मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है जो उत्तेजना, घबराहट और अधिक तनाव आदि जैसे लक्षणों का कारण बन सकता है।

तम्बाकू खाने से बुखार आने की संभावना भी बढ़ सकती है। तम्बाकू में मौजूद निकोटीन एक खतरनाक रसायन होता है जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में असर कर सकता है। तम्बाकू खाने से विषमता हो सकती है और किसी के भी इसके चपेट में आने की संभावना बढ़ती है।

तम्बाकू खाने से मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। तम्बाकू खाने से हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है। तम्बाकू खाने से जीभ या गले के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।

तम्बाकू खाने से गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक हो सकता है जो उनके होने वाले शिशु के विकास में नुकसान पहुंचा सकता है।इस तरह तम्बाकू के और भी कई परिणाम आ सकते हैं ।

अतः तम्बाकू के सेवन से हम बचे और जो खा रहे हैं वो इससे छुटकारा पाने के लिए डॉक्टर की सलाह से दवा ले और ध्यान का प्रयोग भी इसमें फलीभूत हो सकता है आदि – आदि अनेक उपायों को भी सही से अपनाया जा सकता हैं ।यही हमारे लिए काम्य हैं ।

प्रदीप छाजेड़
( बोरावड़ )

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