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Dilip Singh IAS Success story in Hindi

असफलता से नहीं मानी हार, इस तरह दीपक बने आईएएस

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Dilip Singh IAS Success story in Hindi :-

आईएएस बनना आज के समय में बहुत सारे युवाओं का सपना होता है। लेकिन आईएएस बनने के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली सिविल सर्विसेज परीक्षा अपने आप में देश के सबसे प्रतिष्ठित और सबसे कठिन परीक्षा माने जाते हैं।

हर साल संघ लोक सेवा आयोग द्वारा सिविल सर्विसेज परीक्षा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में हर साल लाखों की संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं और परीक्षा में बैठते हैं।

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हर विद्यार्थी का सपना होता है कि वह इस परीक्षा को पास करके आईएएस या आईपीएस बने। लेकिन कुछ ही अभ्यार्थियों को इस परीक्षा में
सफलता मिल पाती है। कई बार कुछ अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में सफलता मिल जाती है तो वह मुख्य परीक्षा में असफल हो जाते हैं।

कुछ अभ्यर्थी ऐसे भी होते हैं जिन्हें प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में तो सफलता हासिल हो जाती है लेकिन इंटरव्यू में हुआ फेल हो जाते हैं। जो अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू तीनों चरण में सफलता हासिल करता है उसे ही उसकी रैंक के अनुसार सेवा के लिए चुना जाता है।

राजस्थान के दिलीप सिंह भी आईएएस बनने का सपना देखे। अपने स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद दिलीप नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी राउरकेला से केमिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल करते हैं। दिलीप का सपना हमेशा से समाज के लिए कुछ करना था।

ग्रेजुएशन करने के तुरंत बाद दिलीप एक क्लब से जुड़ गए जो समाज सेवा से जुड़ा क्लब था। इसी समय उनके मन में सिविल सर्विस के क्षेत्र में
कैरियर बनाने का विचार आया और फिर वह यूपीएससी की तैयारी में जुट गये।

शुरुआत में मिली असफलता –

दिलीप यूपीएससी की तैयारी के दौरान कठिन परिश्रम कर रहे थे। लेकिन इसके बावजूद उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। दिलीप ने सिविल सर्विसेज परीक्षा के लिए जब अपना पहला अटेंड दिया तब वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाए थे।

लेकिन दिलीप ने अपनी कमियों का मूल्यांकन किया और अगले साल फिर से परीक्षा दी। दूसरे प्रयास में दिलीप ने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा दोनों परीक्षा में सफलता हासिल कर ली। लेकिन इस बार इंटरव्यू में वह फेल हो गए।

लेकिन इस असफलता ने दिलीप को हौसला दिया। शुरू में दिलीप असफलता के की वजह से निराश हो गए थे। उनके परिवार वाले भी काफी निराश हो गए थे। लेकिन दिलीप फिर से तैयारी में जुटे और अपनी पढ़ाई को जारी रखा।

यूपीएससी द्वारा आयोजित होने वाली सिविल सर्विसेज परीक्षा एक ऐसी परीक्षा है जिसके लिए ज्यादातर छात्र अपने कैरियर के लिए एक प्लान भी बना कर चलते हैं। जिससे अगर उन्हें सफलता न भी मिले तब वह प्लान बी पर काम कर सके। लेकिन दिलीप ने ऐसा कोई प्लान नहीं बनाया।

उनका सारा ध्यान इस परीक्षा पर था। साल 2018 में दिलीप को सफलता मिली। दिलीप ने यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेस परीक्षा 2018 में 72 वी रैंक हासिल की। इस तरह से दिलीप ने आईएएस बनने का अपना सपना पूरा किया और अपने परिवार वालों का नाम रोशन किया।

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