September 21, 2021

Hindi News: Motivational & Success Stories in Hindi- Best Real Life Inspirational Stories

Find the best motivational stories in hindi, inspirational story in hindi for success and more at hindifeeds.com

कंप्यूटर पर ज्यादा ध्यान देने के लिए पडती थी डांट, आज बन गए हैं इनोवेटर

कंप्यूटर पर ज्यादा ध्यान देने के लिए पडती थी डांट, आज बन गए हैं इनोवेटर

कंप्यूटर पर ज्यादा ध्यान देने के लिए पडती थी डांट, आज बन गए हैं इनोवेटर

स्कूल के दिनों में अक्सर बच्चों को पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान देने के लिए कहा जाता है। लेकिन माता-पिता के साथ-साथ शिक्षक भी भूल जाते हैं कि अगर बच्चों को सीखने की शुरुआती समय में सही मार्गदर्शन दिया जाए तो वह काफी कुछ सीख सकते हैं। अपनी जिज्ञासा की वजह से वह काफी अलग कर सकते है।

दिल्ली के रहने वाले अनुग्रह सेतया ने कम उम्र में ही अपने हुनर को दिखाना शुरू कर दिया था। आज 20 साल की उम्र में वह अपना स्टार्टअप चला रहे हैं।

अनुग्रह जब मात्र 13 या 14 साल के थे तब वह यूट्यूब से कोडिंग करना सीखना शुरू कर दिए थे। बचपन से ही अनुग्रह की दिलचस्पी टेक्नोलॉजी में रही है। वह तकनीकी का इस्तेमाल करके नया नया इनोवेशन करते थे।

कुछ इसी तरह कहानी है उनके दोस्त और को फाउंडर मोहम्मद फैज की जो 22 साल के हैं। छोटी सी उम्र में इन दोनों ने ही कंप्यूटर और तकनीक से अपना रिश्ता बना लिया। आज इन दोनों दोस्त को लोग आविष्कारक और उद्यमी के तौर पर जानते है।

अनुग्रह और फैज मिलकर Hybrid Idea Solution नाम का स्टार्टर चलाते हैं। जहां पर वह अलग-अलग कंपनियों और संगठन के लिए उनकी आवश्यकता के अनुसार तकनीक बनाते हैं।

दोनों ने कम उम्र में ही समस्या का हल ढूढना शुरू कर दिया था। आज अनुग्रह और फैज के पास जानकारी और स्किल की कमी नहीं है।

अनुग्रह और फैज मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पास इतना संसाधन नहीं था कि वह सीधे अपनी तकनीकों को आम लोगों तक पहुंचाएं।

तब उन्होंने यह फैसला किया कि वह ऐसे संगठनों की मदद करेंगे जो बड़े स्तर पर सामान्य लोगों के लिए काम करते हैं।

कम उम्र में किये बड़े इनोवेशन

Apex Band को सबसे पहले अनुग्रह ने बनाया था। इसके जरिए लोग अपने भाव से अपनी किसी भी डिवाइस जैसे फोन या टीवी को कंट्रोल कर सकते हैं।

यह उपकरण महिलाओं की सुरक्षा के लिए बहुत फायदेमंद है। अगर कोई महिला मुसीबत में है तो इस बैंड के जरिए वह पुलिस को भी आसानी से अलर्ट भेज सकती है।

अनुग्रह के इस इनोवेशन के लिए उन्हें भारत के टॉप 100 यंग इनोवेटर की सूची में शामिल कर लिया गया है। उन्हें भारत के विज्ञान एवं तकनीक विभाग व इंटेल की तरफ से अवार्ड भी दिया गया है।

वहीं दूसरी तरफ इनके दोस्त फैज अपने इनोवेशन के लिए लगातार मेहनत कर रहे थे। उनका प्रोजेक्ट thumbFi अपने आप में बेहद खास है।

वह इस डिवाइस के जरिए हर तरह की डिवाइस को कंट्रोल कर सकते हैं। फैज को उनके इस इनोवेशन के लिए IRIS National Fair अवार्ड मिला।

फैज और अनुग्रह की दोस्ती सोशल मीडिया के जरिए हुई। दोनों ही सोशल मीडिया पर आपने प्रोजेक्ट के बारे में जानकारियां साझा करते थे।

इसके बाद एक कार्यक्रम के दौरान उन दोनों की मुलाकात हुई। जहां पर वहां अलग-अलग आयोजन में साथ-साथ हिस्सा लेने लगे।

अनुग्रह में अगला इनोवेशन Eye-Q बनाया है, जो एक विशेष उपकरण है। उसमें कैमरा लगा हुआ है और यह विशेष तौर से नेत्रहीन लोगों के लिए बनाया गया है।

जब कोई नेत्रहीन व्यक्ति इस हैंडसेट को पहनता है तो आसपास की तस्वीरें कैमरे लेने लगती है और उनकी वजह से वह उस व्यक्ति को बताता है कि आस पास क्या है।

ऐसे ही एक नेशनल इन्नोवेशन फेस्टिवल के दौरान जब वह अपने प्रोजेक्ट के बारे में बता रहे थे और उनसे मुलाकात डॉक्टर एस के से होती है जो उन्हें ऑप्टिज्म के ऊपर काम करने की सलाह देते हैं।

फैज अपना स्टार्टअप शुरू करने के बाद भी इस दिशा में काम भी कर रहे हैं। वह देश में दिव्यांगों के लिए तकनीक तैयार कर रहे हैं।

हम उनकी उनका कहना है कि दिव्यांगों के लिए तकनीक तैयार करना और इंतजार करना आसान नहीं होता है। लेकिन कोशिश लगातार हो रही है।

सामाजिक संगठनों की कर रहे मदद :-

अनुग्रह कहते हैं कि हमारा एक प्रोजेक्ट रुक गया है लेकिन इसका मतलब यह नहीं हुआ कि हम आगे नहीं बढ़ रहे हैं।

हम खुद लोगों तक नहीं पहुंच सकते हैं लेकिन संगठन से जुड़ कर हम लोगों तक पहुंच सकते हैं। देश में ऐसे बहुत सारे एनजीओ हैं जो लोगों के लिए काम करते हैं।

वह सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले संगठन के साथ मिलकर तकनीक पर काम कर रहे हैं। जिससे ज्यादा प्रभावी ढंग से काम किया जा सके।

उनके इन्नोवेशन का ही एक हिस्सा है वाटर एटीएम, जिसके जरिए वालों लोगों को स्वास्थ्य के लिए पानी उपलब्ध करवा रहे हैं।

खास बात यह है कि अगर वाटर एटीएम में कोई समस्या आती है तो उनकी टीम को तुरंत इसके लिए अलर्ट मिल जाता है।

इस तरह हम कह सकते है बच्चे अपने हुनर को निखार के काफी बढ़िया काम कर सकते है।

 

यह भी पढ़ें :-

दिव्या गोकुलनाथ: बायजू के लर्निंग ऐप की सह संस्थापक की सफलता की कहानी