नवम्बर 27, 2022

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UPSC chairman Manoj Soni success story in HIndi

यूपीएससी अध्यक्ष डा. मनोज सोनी की संघर्ष भरी सफलता की कहानी , पांचवी कक्षा में अगरबत्ती बेचकर पाला अपने परिवार को ,12 वीं हो गए थे फेल

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि डा. मनोज सोनी की यूपीएससी चेयरमैन बनने से पहले की जिंदगी काफी संघर्ष भरी थी , डा. मनोज सोनी ने बचपन से ही हर परिस्थितियों को पार करने के लिए काफी संघर्ष किया है मनोज एक गरीब परिवार से थे अन्यथा उनके पिता भी सड़क के  फुटपाथ पर कपड़ों को बेच कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे।

भले ही डा. मनोज सोनी ने अपने बचपन में काफी संघर्ष किया और इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह गरीब परिवार से थे परंतु आज वह अपनी मेहनत और लगन के कारण और सदा अग्रसर बनने की सीख के कारण यूपीएससी के अध्यक्ष बन चुके हैं।

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि डा. मनोज सोनी से पांचवीं कक्षा में पढ़ रहे थे उसी वक्त उन्होंने अपने पिता को खो दिया था और उनके पिता कपड़े बेच कर परिवार का पेट पालते थे, इसके साथ ही साथ पिता के जाने के बाद परिवार को संभालने की जिम्मेदारी मनोज सोनी पर आ गई थी ।

इस दौरान उन्होंने पांचवी कक्षा में ही चोल में अगरबत्तीयों को बेच कर अपने परिवार को थोड़ा संभाला था कुछ समय बाद डा. मनोज सोनी की मां ने निश्चय  किया कि वह मुंबई से गुजरात के आणंद जिले में शिफ्ट हो जाएंगे ।

12 वीं हो गए थे फेल

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि मनोज सोनी ने गुजरात आने के बाद अपनी पढ़ाई को फिर से शुरू किया परंतु डा. मनोज सोनी अपनी 12 वीं की परीक्षा में साइंस के विषय में फेल हो गए थे इसके बाद उन्होंने राजरत्न पीटी पटेल कॉलेज में आर्ट्स की पढ़ाई शुरू कर दी , इस दौरान मनोज सोनी ने टाइपिस्ट का पूरा काम ही सीखा था ।

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि मनोज सोनी के पिता स्वामीनारायण संप्रदाय के अनुपम मिशन के साथ जुड़े हुए थे पिता की मृत्यु के बाद मिशन ने मनोज सोनी के परिवार को संभाला और मनोज सोनी की पढ़ाई का भी पूरा खर्च उठाया ।

यूपीएससी की परीक्षा में में हो गए थे दो बार फेल

कुछ समय के बाद मनोज सोनी ने अनुपम संप्रदाय मिशन के लिए काम करना शुरू कर दिया था , इतना ही नहीं मनोज सोनी वर्ष 2020 में निस्वार्थ कार्यकर्ता के रूप में आगे आए थे , इतना ही नहीं मनोज सोनी ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद एसपी यूनिवर्सिटी में बतौर प्रोफेसर पढ़ाना भी शुरू किया था ।

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि यूपीएससी अध्यक्ष डा. मनोज सोनी ने भी यूपीएससी की परीक्षा दी थी परंतु वह अपने दो प्रयासों में असफल हो गए थे अपने पहले प्रयास में वह परीक्षा मैं सफलता हासिल नहीं कर पाए थे अन्यथा अपने दूसरे प्रयास में वह इंटरव्यू को पास नहीं कर पाए थे ।

लिख चुके हैं कई किताबें

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि यूपीएससी अध्यक्ष डा. मनोज सोनी एमएसयू वडोदरा और बाबा साहेब आंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति भी रह चुके हैं । इतना ही नहीं डा. मनोज सोनी ने पोस्ट कोल्ड वॉर इंटरनैशनल सिस्टमिक ट्रांजिशन एंड इंडो-यूएस रिलेशंस’ पर रिसर्च भी किया है, अर्थात उन्होंने ‘अंडरस्टैंडिंग द ग्लोबल पॉलिटिकल अर्थक्वेक‘ पुस्तक भी लिखी है ।

गुजरात में होने वाले दंगों पर लिखी है किताब

डा. मनोज सोनी ने वर्ष 2002 में होने वाले गुजरात दंगों के ऊपर में एक पुस्तक भी लिखी है जिसका नाम उन्होंने ‘इन सर्च ऑफ ए थर्ड स्पेस’ रखा है अर्थात बीजेपी और मोदी विरोधियों का ऐसा कहना है कि यह किताब भारतीय जनता पार्टी के नैरेटिव  में फिट बैठती है ।

25 वर्षों का है अनुभव

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि भले ही यूपीएससी अध्यक्ष मनोज सोनी 12वीं में फेल हो गए थे परंतु इस दौरान उन्होंने जिस मिशन के साथ जुड़कर काम करना शुरू किया था उसमें उनके साथ रह कर उन्हें 25 वर्ष का शैक्षणिक अनुभव हो गया है । मनोज सोनी की पत्नी कॉलेज में बतौर एक प्रोफेसर काम करती है और उनका बेटा कॉलेज की पढ़ाई कर रहा है ।

 

लेखिका : अमरजीत कौर

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