नवम्बर 29, 2022

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IAS Mamta Yadav ki safalta ki kahani

छोटे से गांव से निकलकर आईएएस बनी ममता यादव आइए जानते हैं आईएएस ममता यादव की सफलता की कहानी

भारत की संघ लोक सेवा आयोग की यूपीएससी की परीक्षा को सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है अर्थात इस परीक्षा में हर साल लाखों अभ्यार्थी हिस्सा लेते हैं परंतु कुछ गिने-चुने अभयार्थी ही इस कठिन परीक्षा को पास करने में सक्षम हो पाते हैं , और अपने पहले प्रयास में सफलता हासिल करने वाले अभ्यार्थी कई युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन जाते हैं ।

भारत संघ लोक सेवा द्वारा आयोजित यूपीएससी की परीक्षा को पास करने के लिए लाखों अभ्यार्थी कड़ी मेहनत और लगन के साथ प्रयास करते हैं अर्थात इस परीक्षा  में सफलता हासिल करने के लिए अभ्यार्थी कोचिंग , सेल्फ स्टडी की सहायता लेकर खुद को निपुण करते हैं।

इसके साथ ही साथ इस परीक्षा को पास करने वालों में से कई अभ्यार्थी ऐसे होते हैं जो अपने प्रथम प्रयास में ही इस परीक्षा को पास कर के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन कर सामने आते हैं, और इसके विपरीत कई अभ्यार्थी ऐसे होते हैं जो इस परीक्षा में सफलता हासिल करके हार मान लेते हैं परंतु कई अभ्यर्थी ऐसे भी होते हैं जो असफलताओं से सीख लेकर लगातार सफलता हासिल करने का प्रयास करते हैं।

इस प्रकार के कुछ अभ्यर्थियों में से ही एक है आईएएस ममता यादव, जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि ममता यादव ने छोटे से गांव से होने के बावजूद अपने पहले प्रयास भारत की संघ लोक सेवा विभाग द्वारा आयोजित यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की है ।

आईएएस ममता यादव

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि आईएएस ममता यादव मूल रूप से बसई हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के सुदूर गांव की रहने वाली थी, एक छोटा गांव है और यहां पर सीमित साधन ही उपलब्ध होते हैं ।

परंतु वर्ष 2020 के बाद इस गांव की तस्वीर ही पुरी तरह से बदल चुकी है क्योंकि इस गांव की बेटी ने यूपीएससी की परीक्षा पास करके गांव का नाम रोशन कर दिया है और अनजान गांव आज सबके सामने स्नेह और सम्मान के साथ  नजर आ रहा है ।

कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी के बल पर मिली सफलता

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि ममता यादव ने छोटे से गांव में रहने के बावजूद भी ऊंचे सपने देखें और दिल्ली यूनिवर्सिटी में अपने ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की इसके बाद उन्होंने भारत की संघ लोक सेवा आयोग की यूपीएससी की परीक्षा को पास करने का निश्चय किया ।

ममता यादव ने अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी इस दौरान उन्होंने दिल्ली में ही रहकर कोचिंग के साथ-साथ सेल्फ स्टडी का सहारा लिया और इसके बल पर वह सफलता हासिल कर पाई जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि ममता यादव ने दो बार यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की है ।

इस प्रकार मिली सफलता

ममता ने कोचिंग और सेल्फ स्टडी के बल पर अपनी यूपीएससी की तैयारी पूरी करने के बाद यूपीएससी की परीक्षा में हिस्सा लिया और अपने पहले प्रयास में ही सफलता हासिल कर ली और इस दौरान उन्होंने ऑल ओवर इंडिया में 556 में रैंक हासिल की परंतु वह अपनी इस सफलता से खुश नहीं थी ।

इस दौरान ममता ने दूसरी बार यूपीएससी की परीक्षा को देने का निश्चय किया और इस पर ममता की मेहनत रंग लाई और वह दूसरे प्रयास में और भी अच्छे रैकं साथ सफल हुई , और ममता यादव ने खुद के मन को संतुष्ट कर के अपना आईएएस बनने का सपना पूरा किया ।

अभ्यार्थियों के लिए सलाह

ममता यादव अभ्यार्थियों को सलाह देते हुए कहती हैं कि इस प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए अभ्यार्थियों को रणनीति के साथ आगे बढ़ना होगा अर्थात रोजाना धीरे-धीरे अपनी लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश करनी होगी। ममता का कहना है कि अगर आपको सफलता हासिल हो रही है तो निराश नहीं हो अर्थात असफलताओं से सीख लेकर सफलता को हासिल करने का प्रयास करें ।

 

लेखिका : अमरजीत कौर

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