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घर में रहकर इंटरनेट की मदद से की यूपीएससी परीक्षा की तैयारी , इस प्रकार रहा आईएएस अंशुमन राज का सफलता भरा सफर

Success story of IAS Anshuman Raj in Hindi
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भारत की संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में हर साल लाखों अभ्यार्थी हिस्सा लेते हैं , भारत की संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा को सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है अर्थात इस परीक्षा में हिस्सा लेने वाले अभ्यार्थी कड़ी मेहनत और लगन के साथ इस परीक्षा को पास करने की कोशिश करते हैं परंतु सभी अभ्यार्थी इस परीक्षा को पास नहीं कर पाते हैं कुछ गिने-चुने अभयार्थी ही इस परीक्षा में सफलता हासिल कर पाते हैं ।

यूपीएससी परीक्षा को पास करने में कई अभ्यार्थी सफल नहीं हो पाते हैं परंतु वह हार मान लेते हैं और कई अभ्यार्थी ऐसे होते हैं जो असफलताओं के बाद सफलता को हासिल करने का हौसला रखते हैं , एक दिन सफलता अवश्य हासिल करते हैं ।

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जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि इस परीक्षा को पास करने वाले अभ्यार्थी कई प्रकार से इस परीक्षा को पास करने का प्रयास करते हैं कई अभ्यार्थी कोचिंग का सहारा लेते हैं तो कई सेल्फ स्टडी से इस परीक्षा को पास करने का प्रयास करते हैं , परंतु आज हम आपको इंटरनेट का इस्तेमाल करके यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करके सफलता हासिल करने वाले आईएएस अंशुमन राज की सफलता की कहानी बताने वाले हैं ।

जैसे की हम सभी जानते हैं इंटरनेट आजकल सब के लिए आम बात हो गई है और इंटरनेट का सहारा लेकर काफी कुछ किया जा सकता है कई लोग इसका उपयोग करके अपने कामों को आसान कर रहे हैं अर्थात आज हम आपको गांव के रहने वाले अंशुमन राज की सफलता भरी कहानी बताने वाले हैं जिन्होंने गांव में रहने के बावजूद इंटरनेट का इस्तेमाल से यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की और अपने चौथे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा को पास करके सफलता हासिल की है ।

ग्रेजुएशन के बाद गांव में लौटे और शुरू कर दी यूपीएससी परीक्षा की तैयारी

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि अंशुमन राज मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले हैं , इस जगह में काफी सीमित ही साधन उपलब्ध है , अंशुमन राज अपने इंटरमीडिएट की पढ़ाई को पूरा करने के लिए कोलकाता चले गए थे अंशुमन ने कोलकाता से अपने इंटरमीडिएट की डिग्री हासिल करने के बाद अपने गांव वापस लौटने का निश्चय किया ।

अंशुमन ने अपने गांव में वापस लौटने के बाद वहीं रहकर तय किया कि वह यूपीएससी की परीक्षा मैं सफलता हासिल करेंगे , इस दौरान उन्होंने अपने गांव में रहकर यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करना शुरू कर दिया अर्थात उन्होंने सबसे पहले स्टडी मटेरियल का जुगाड़ किया और इसके बाद कड़ी मेहनत और लगन के साथ तैयारी में लग गए ।

चौथे प्रयास में बने आईएएस

जानकारी के लिए आप सभी को बता दें कि अंशुमन राज ने गांव में रहने के बावजूद इंटरनेट और सीमित किताबों का इस्तेमाल करके यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की और अपने पहले प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा दी इस दौरान वह अपने पहले प्रयास में सफल नहीं हो पाए परंतु उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सफलता हासिल करने का प्रयास किया लगातार प्रयास से अंशुमन राज अपने चौथे प्रयास में आईएएस बनने के अपने सपने को पूरा कर पाए हैं ।

बिना प्लानिंग नहीं करनी चाहिए तैयारी

बातचीत के दौरान अंशुमन राज बताते हैं कि यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कभी भी बिना रणनीति के नहीं करनी चाहिए क्योंकि यूपीएससी का सिलेबस इतना बड़ा होता है कि इसे पूरा करना काफी मुश्किल है और अगर आप बिना रणनीति के इस परीक्षा को पास करने की कोशिश कर रहे हैं तो आपको सिलेबस पूरा करने में कई साल लग जाएंगे ।

अंशुमन कहते हैं कि अगर आप स्टडी मटेरियल के साथ साथ स्मार्ट वर्क का भी प्रयोग करेंगे तो आप यूपीएससी की परीक्षा में जल्द सफलता हासिल कर पाएंगे, कई प्रकार की किताबों को छोड़कर कुछ गिने-चुने किताबों के साथ पढ़ाई की जाए तो रिवीजन करना काफी आसान होगा , इसके साथ ही साथ स्मार्ट वर्क यानी कि इंटरनेट का सहारा ले उसमें कई प्रकार के कुछ ऐसी चीजें मिल जाती है जो आपके काफी अधिक काम आ सकती हैं ।

अन्य अभ्यर्थियों के लिए सलाह

अंशुमन राज का कहना है कि अगर आप घर बैठे यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं तो ऐसा किया जा सकता है सीमित सिलेबस को इकट्ठा करके सीमित किताबों और इंटरनेट का इस्तेमाल करें अर्थात ऐसा जरूरी नहीं है कि आपको यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए बड़े शहर जैसे दिल्ली में जाकर तैयारी करनी पड़ेगी अगर आप मेहनत और लगन के साथ तैयारी करें तो आप घर बैठे तैयारी करके यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर सकते हैं।

 

लेखिका : अमरजीत कौर

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